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Gonda: दो मासूम बेटियों को अब कौन पालेगा? पिता की मौत के बाद परिवार के सामने खड़ा हुआ बड़ा सवाल

Gonda Accident : गोंडा के नवाबगंज-मनकापुर मार्ग पर पराली लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 42 वर्षीय मोपेड सवार शत्रुघ्न नट की मौत हो गई। हादसे में दो साल और छह माह की दो मासूम बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया।
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गोंडा

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Mahendra Tiwari

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Updated: 30 Oct 2026, 1:49 PM IST

Gonda

मृतक की फाइल फोटो सोर्स परिजन

Gonda Accident:गोंडा में नवाबगंज-मनकापुर मार्ग पर धान की पराली लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से 42 वर्षीय मोपेड सवार युवक की मौत हो गई। ट्रैक्टर से जुड़ी दो ट्रॉलियों में से एक अचानक अलग होकर सड़क पर आ गई और सामने से आ रहे युवक को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में परिवार का सहारा छिन गया। युवक की दो छोटी बेटियां हैं।

गोंडा जिले के नवाबगंज-मनकापुर मार्ग पर बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े सात बजे यह हादसा हुआ। वजीरगंज थाना क्षेत्र के सरकारी पुरवा के पास धान की पराली लादकर आ रहे ट्रैक्टर की एक ट्रॉली अचानक दूसरी ट्रॉली से अलग हो गई। इसी दौरान सामने से मोपेड लेकर आ रहा युवक उसकी चपेट में आ गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान चौबेपुर के भीमनगर गांव के रहने वाले शत्रुघ्न नट (42) के रूप में हुई है। उसके पिता चिलबिल नट ने बताया कि शत्रुघ्न उनका बड़ा बेटा था।

बृहस्पतिवार शाम वह मोपेड से किशुनदासपुर की तरफ जा रहा था। किशुनदासपुर रेलवे क्रॉसिंग से पहले सरकारी पुरवा के पास सामने से धान की पराली लदी डबल ट्रॉली वाला ट्रैक्टर आ रहा था। अचानक एक ट्रॉली अलग होकर सड़क पर आ गई। शत्रुघ्न को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वह उसकी चपेट में आ गया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। वे घायल शत्रुघ्न को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर लौट आए। घटना की सूचना मिलने पर नवाबगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह पुलिस टीम के साथ मृतक के घर पहुंचे। शुरुआत में परिजनों ने शव पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। पुलिस ने काफी देर तक उन्हें समझाया। इसके बाद परिजन शव पुलिस को सौंपने के लिए तैयार हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।

दो मासूम बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

शत्रुघ्न चार भाइयों में सबसे बड़ा था। वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का खर्च चलाता था। परिवार में उसकी पत्नी छोटी और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी आकांक्षी की उम्र महज दो साल है, जबकि छोटी बेटी अराधना अभी छह महीने की है। पिता की मौत से दोनों बच्चियों के सिर से साया उठ गया। पति की मौत से पत्नी का सहारा भी छिन गया। हादसे के बाद से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। नवाबगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने बताया कि सड़क हादसे में युवक की मौत की सूचना मिली है। शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।