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मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं नहीं होगी, पैसों की तंगी के कारण सैफई वाले करते हैं ऐसा

मुलायम सिंह यादव ने सोमवार को गुरूग्राम के मोदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली। नेता जी का पार्थिव शव मेदांता अस्पताल से उनके पैतृक गांव सैफई ला करके कोठी में रखा गया । मंगलवार को अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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Oct 12, 2022
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सपा संरक्षक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव मंगलवार को पंचत्तव में विलीन हो गए । धरती पुत्र के नाम से विख्यात मुलायम सिंह का अंतिम दर्शन करने के लिए उनके पैतृक गांव सैफई में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और दिग्गज नेताओं से लेकर अभिनेता, उद्योगपति पहुंचे ।

मुलायम सिंह यादव को बड़े बटे अखिलेश यादव ने मुखाग्नि दी। अखिलेश सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव को मुखाग्नि देते समय समाजवादी पार्टी की टोपी पहनी। अखिलेश यादव ने आज सुबह अपने परिवार के साथ शुद्धिकरण में शामिल हुए और परिवार के सभी सदस्यों ने मुंडन कराया

नेता जी की तेरहवीं का आयोजन क्यों नहीं होगा ?
मुलायम सिंह यादव की तेरहवीं का आयोजन सैफई की परंपरा के अनुसार नहीं होगा । सैफई वालों का मानना है कि अगर किसी बड़े व्यक्ति के मरने पर तेरहवीं का आयोजन किया जाएगा तो उसका असर गरीबों पर पड़ेगा । बड़े व्यक्ति का देखकर छोटे लोग भी करने लगेंगे । इससे गरीबों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा । हांलाकि पूरी रीति रिवाज के अनुसार 11 वें दिन शुद्धीकरण का हवन किया जाएगा।

अखिलेश यादव काफी दुखी है और वह लगातार अपने पिता मुलायम सिंह को मिस कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने अपने सुबह अपने ट्विटर हैंडल से फोटो के साथ ट्वीट करते हुए लिखा कि पहली बार आज पहली बार लगा.. बिन सूरज के उगा सवेरा...

धरती पुत्र नेता जी को श्रद्धाजंलि देने पहुंचे लाखों लोग
मुलायम सिंह यादव जमीन से जुड़े नेता थे और वह हमेशा पिछड़ों की राजनीति करते आए हैं। मुलायम सिंह यादव पिछड़ों के दम पर तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे हैं। मुलायम पिछड़ो वर्ग के अलावा अलग-अलग जातियों के लोगों को अपने साथ जोड़ कर रखा। यही वजह थी कि बुजुर्ग और युवा उन्हें नेताजी कहकर पुकारते थे। मुलायम सिंह के कामों और सरल व्यवहार का ही नतीजा था कि उनकी अंतिम यात्रा में लाखों की संख्या में लोग शामिल हुए।

गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव का सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। उनकी उम्र 82 वर्ष की थी । नेता जी का पार्थिव शव गुरूग्राम से उनके पैतृक गांव सैफई ला करके उनकी कोठी में रखा गया। जहां पर लाखों की संख्या कार्यकर्ता और कई दिग्गज नेता उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पहुंचे ।

Updated on:
12 Oct 2022 05:36 pm
Published on:
12 Oct 2022 05:31 pm