रीता बहुगुणा जोशी के पति पी.सी. जोशी का लखनऊ के SGPGI में निधन, पार्थिव शरीर प्रयागराज लाया जाएगा, कल अंतिम संस्कार होगा।
Rita Bahuguna Joshi Husband PC Joshi Passes Away: उत्तर प्रदेश की राजनीतिक और सामाजिक गलियारों से एक दुखद खबर सामने आई है। पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता रीता बहुगुणा जोशी के पति पी.सी. जोशी का निधन हो गया। उन्होंने सोमवार सुबह करीब 7 बजे SGPGI, लखनऊ में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक जगत और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवारिक सूत्रों के अनुसार, पी.सी. जोशी पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे और उनका इलाज लखनऊ स्थित एसजीपीजीआई में चल रहा था। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी था, लेकिन सोमवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में मौजूद परिजन और समर्थक भावुक हो उठे।
पी.सी. जोशी का पार्थिव शरीर आज देर शाम प्रयागराज लाया जाएगा। परिवार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्थिव शरीर को कुछ समय के लिए आम लोगों के लिए रखा जाएगा, ताकि उनके चाहने वाले श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें।
परिवार के करीबी सूत्रों ने बताया कि पी.सी. जोशी का अंतिम संस्कार मंगलवार को प्रयागराज में किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में राजनीतिक हस्तियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के शामिल होने की संभावना है।
पी.सी. जोशी के निधन की खबर जैसे ही फैली, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक संवेदना व्यक्त की। कई वरिष्ठ नेताओं ने रीता बहुगुणा जोशी और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सोशल मीडिया पर भी शोक संदेशों की बाढ़ आ गई, जहां लोगों ने उनके सरल स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व को याद किया।
पी.सी. जोशी को एक सादगीपूर्ण और शांत स्वभाव के व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। वे हमेशा परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहे और रीता बहुगुणा जोशी के राजनीतिक जीवन में उनका अहम योगदान माना जाता है। हालांकि वे खुद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय नहीं थे, लेकिन उनके सहयोग और समर्थन ने रीता बहुगुणा जोशी के राजनीतिक सफर को मजबूती दी।
प्रयागराज में उनके निधन की खबर से शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों और समर्थकों ने इस घटना को एक बड़ी व्यक्तिगत और सामाजिक क्षति बताया है। कई लोग उनके निवास स्थान के बाहर एकत्रित होकर परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अंतिम दर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। प्रशासन भी इसको लेकर तैयारियों में जुट गया है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।