
MLC Vote Counting: उत्तर प्रदेश विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों की मतगणना मंगलवार, 27 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शुरू हो गई। पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए हो रही मतगणना पर राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और समर्थकों की निगाहें टिकी हैं। मतों की गिनती में लंबा समय लगने की संभावना के बीच नतीजों को लेकर भी उत्सुकता बनी हुई है। जॉइंट पुलिस कमिश्नर अपर्णा कुमार ने मतगणना के संबंध में जानकारी दी है। वहीं, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग की घटना से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
अपर्णा कुमार ने कहा कि विधान परिषद की इन सीटों पर मतों की गिनती की प्रक्रिया सामान्य चुनावों की तुलना में लंबी हो सकती है। इसी वजह से नतीजों के लिए 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि, परिणाम आने का वास्तविक समय मतगणना की गति, मतों की संख्या और निर्वाचन क्षेत्रवार प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। कहा कि प्रत्याशियों के समर्थक मतगणना केंद्रों से मिलने वाली जानकारी पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन के सामने मतगणना को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी है।
राजधानी लखनऊ में मतगणना को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाया है। जिलाधिकारी विशाख जी. की ओर से जारी आदेश के अनुसार रमाबाई स्थल के आठ किलोमीटर की परिधि में आने वाली शराब की दुकानें बंद रखी जाएंगी। रमाबाई स्थल पर सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने के मद्देनजर यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। संबंधित दुकानों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी सतर्क रहेंगे।
आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 23 अक्टूबर को मतदान के दौरान बूथ कैप्चरिंग की घटना के मामले में लापरवाही बरतने पर छह अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, मतदान केंद्र के भीतर और आसपास पर्याप्त नियंत्रण नहीं रखने तथा पर्यवेक्षण में शिथिलता बरतने के आरोपों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पांच पीठासीन अधिकारियों और 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है। इनमें दो पीठासीन अधिकारी, तीन मतदान अधिकारी, पांच हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबल का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन श्रेणियों का कुल योग 21 से अधिक बनता है, इसलिए संबंधित अधिकारियों की संख्या और पदवार विवरण का आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलान जरूरी है। निर्वाचन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है।
उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन सीटों के लिए मतगणना निर्धारित केंद्रों पर कराई जा रही है। कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश में सात स्थानों पर मतों की गिनती होनी है। लखनऊ, वाराणसी, आगरा और मेरठ प्रमुख मतगणना केंद्रों में शामिल हैं। परिणाम घोषित होने तक प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की उत्सुकता बनी रहेगी। प्रशासन की प्राथमिकता मतगणना प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा कराना और किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकना है।