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UP Assembly Election: रोड शो, रैली, जनसभाओं पर रोक, यूपी में ऑनलाइन प्रचार की क्या है तैयारी

पांच राज्यों में यूपी की 403 सीटों में सात चरण में चुनाव होंगे। मतदान 10 फरवरी से शुरू होकर सात मार्च तक चलेगा। 10 मार्च को नतीजे घोषित होंगे। उधर, विधानसभा चुनाव के लिए ऐलान होते ही चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों, रोड शो और जनसभाओं पर रोक लगा दी है। इसके बाद राजनीतिक दलों के पास डिजिटल प्रचार का ऑप्शन है।

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Jan 09, 2022
UP Assembly Election 2022 Political Parties Virtual Rallies Strategy

लखनऊ. चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है। पांच राज्यों में यूपी की 403 सीटों में सात चरण में चुनाव होंगे। मतदान 10 फरवरी से शुरू होकर सात मार्च तक चलेगा। 10 मार्च को नतीजे घोषित होंगे। उधर, विधानसभा चुनाव के लिए ऐलान होते ही चुनाव आयोग ने 15 जनवरी तक रैलियों, रोड शो और जनसभाओं पर रोक लगा दी है। इसके बाद राजनीतिक दलों के पास डिजिटल प्रचार का ऑप्शन है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह फैसला किया गया है। चुनाव विश्लेषक मानते हैं कि वर्चुअल रैलियां सिर्फ कोरोना काल का ही नहीं बल्कि भविष्य का भी बेहतर विकल्प हो सकती हैं।

फेसबुक, ट्विटर का भरपूर इस्तेमाल

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चुनाव आयोग ने रैलियों और जनसभाओं पर पाबंदी लगा दी है। लिहाजा पार्टियों के पास वर्चुअल रैली का विकल्प बचा है। इस फैसले से मायूसी के बाद कई पार्टियों ने अपनी प्रचार रणनीति में बदलाव किया है और वर्चुअल प्रचार की तैयारी शुरू कर दी है। इस तरह के प्रचार में फेसबुक, फेसबुक लाइव, ट्विटर जैसे सभी सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल होगा।

भाजपा

भाजपा चुनाव के हर चरण के लिए 100 वर्चुअल रैलियों की योजना बना रही है। पार्टी की योजना 3डी स्टूडियो मैक्स तकनीक का उपयोग करने की है, जो विभिन्न स्थानों पर बैठे नेताओं आभासी मंच पर होने का एहसास कराएगी, जहां से वे सभाओं को संबोधित करेंगे। भाजपा केवल यूपी ही नहीं सभी राज्यों में वर्चुअल रैली करेगी। केंद्रीय मंत्री और पंजाब के भाजपा चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत ने मीडिया को दिए अपने एक बयान में कहा 'भाजपा वर्चुअल रैली के लिए तैयार है। हमने पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले भी वर्चुअल रैलियां की थीं।' पार्टी ने सभी विधानसभा क्षेत्रों में डिजिटल रथ चलाने का फैसला किया है। शीर्ष नेताओं के प्री-रिकॉर्डेड भाषण, ऑडियो, वीडियो के जरिये प्रचार होगा।

कांग्रेस

कांग्रेस ने रैली प्रतिबंध की घोषणा से पहले ही अपनी सभी बड़ी रैलियों पर रोक लगा दी है। मौजूदा हालात को देखते हुए चुनाव में अपना सियासी खाता खोलने के लिए कांग्रेस नए तरीके से प्रचार रणनीति पर काम कर रही है। इसकी शुरुआत 'प्रियंका के साथ लाइव' कार्यक्रम से हो रही है। नई रणनीति के अनुसार, एक फेसबुक लाइव सत्र आयोजित किया जाएगा, जहां यूपी प्रभारी कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी 30 मिनट तक लोगों से संवाद करेंगी। वर्चुअल टाउनहॉल कार्यक्रम भी होगा।

15 हजार फेसबुक पेज के जरिये प्रचार

कांग्रेस पार्टी 1.5 लाख व्हाट्सऐप ग्रुप और 15 हजार फेसबुक पेज के जरिये प्रचार करेगी। कांग्रेस ने व्हाट्सेप ग्रुप तैयार किया है, जिसमें लोगों को जोड़ा गया है। व्हाट्सऐप के जरिये ब्लॉक स्तर पर संपर्क मजबूत किया जा रहा है।

समाजवादी पार्टी

समाजवादी पार्टी की ओर से वर्चुअल रैली को लेकर कोई रणनीति अभी सामने नहीं आई है लेकिन पार्टी डिजिटल प्रचार के लिए तैयार है। सपा रैलियों के लिए तकनीक इस्तेमाल पर जोर दे रही है। कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया पर सक्रिय कर दिया गया है। ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम के माध्यम से पार्टी डिजिटल प्रचार से चुनावी बिगुल फूंकने के लिए तैयार है।

बहुजन समाज पार्टी

बहुजन समाज पार्टी अपने चुनाव प्रचार के तरीके को हाईटेक कर रही है। बसपा सुप्रीमो मायावती के ऑफिस रूम में वॉर रूम तैयार किया गया है जिससे कि पूरे प्रदेश की विधानसभा पर नजर रखेंगी। इसके अलावा पार्टी के सभी पदाधिकारियों और प्रभारियों के अकाउंट को वेरिफाई किया गया है। जिलों के सभी पार्टी कार्यालय पर एलईडी लगाया जा रहा है। बसपा सुप्रीमो मायावती ट्विटर, फेसबुक पर भी एक्टिव हैं।

Published on:
09 Jan 2022 03:24 pm
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