
Rangoli Benefits : रंगोली अब केवल किसी खास दिनों तक ही सिमित रह गई है। जबकि ये तो हमारी पुरानी भारतीय कल्चर जिसे हम समय के साथ भूलते जा रहे हैं। रंगोली के रंगों से बस घर ही सुंदर नहीं दिखता बल्कि घर में देवी लक्ष्मी आती हैं, नेगेटिव एनर्जी दूर रहती है और परिवार में खुशियां बनी रहती है। इसके साथ ही और भी बहुत से फायदे व नुक्सान है रंगोली को बनाने और न बनाने के।
भारतीय त्योहारों में रंगोली का एक खास महत्व है दिवाली, होली, नवरात्र जैसे त्योहारों पर रंगोली बनाना घर में लक्ष्मी और शुभता का स्वागत माना जाता है। इन खास दिनों के लिए अक्सर ये कुछ डिजाइन भी बनाए जाते हैं, जैसे कि-
रंगोली के यह डिजाइन लक्ष्मी, शुभ और सौभाग्य के प्रतीक। ये सारे डिजाइन घर में पॉजिटिव वाइब्रेशन( positive vibration) को बढ़ाते हैं और देखने में भी बेहद सुंदर लगते हैं।
रंगोली को स्त्री शक्ति यानि फेमिनिन एनर्जी और बैलेंस का सिंबल भी माना जाता है। सुबह-सुबह जब घर की महिलाएं रंगोली बनाती हैं, तो इससे पूरे घर की एनर्जी शुद्ध (Pure) होती है और दिन की शुरुआत भी बेहद अच्छी होती है। रंगोली के पैटर्न में एक खास तरह की कंपनात्मक ऊर्जा (vibrational energy) होती है, जो घर में शांति और पॉजिटिविटी फैलाती है।
रंगोली बनाना सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि घर की महिलाओं को साथ लाने का भी एक खूबसूरत और आसान तरीका है। क्योंकि एक साथ बैठकर रंगोली बनाने से आपस में प्यार बढ़ता है, एक साथ काम करने की भावना आती है, साथ ही घर का माहौल और भी अच्छा होता है। रंगोली को अक्सर फूल, चावल, हल्दी, मिट्टी या रंगों से ही बनाया जाना चाहिए, ये हमें जीवन की उतार-चढ़ाव और नेचर की याद दिलाती है। इससे परिवार में समझ और मिलजुल कर रहने की भावना (feeling) गहरी (Strong) होती है।
रंगोली बनाना एक तरह की माइंडफुलनेस और आर्ट थेरेपी भी है। यह घर के एंट्री गेट को सुंदर, वेलकमिंग, और क्रिएटिव बनाती है। रोज की एक छोटी-सी रंगोली भी घर की एनर्जी को हल्का और पॉजिटिव कर देती है।