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Shisha Vastu Tips for Home: घर का शीशा कहीं ‘कंगाली’ तो नहीं ला रहा? जानें मिरर से जुड़ी 5 बड़ी गलतियां

Bedroom Mirror Vastu Dosha:घर में शीशा लगाने की गलत दिशा बन सकती है आर्थिक नुकसान और तनाव की वजह। जानिए वास्तु के अनुसार आईना लगाने के सही नियम और उपाय।

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भारत

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Manoj Vashisth

Feb 10, 2026

Bedroom Mirror Vastu Dosha

Bedroom Mirror Vastu Dosha : शीशा लगाने के वास्तु नियम (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)

Vastu Tips for Mirror Placement: हम सभी अपने घर को सजाने के लिए सुंदर-सुंदर आईनों (Mirrors) का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दीवार पर लगा एक छोटा सा शीशा आपकी किस्मत बदल भी सकता है और बिगाड़ भी? वास्तु शास्त्र में दर्पण को ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। यह सकारात्मकता को दोगुना कर सकता है, तो गलत जगह होने पर नकारात्मकता का ढेर भी लगा सकता है।

अगर आपके घर में भी बिना सोचे-समझे कहीं भी शीशा लगा दिया गया है, तो आज ही इन नियमों को जान लें:

बेडरूम में शीशा: रिश्तों में दरार की वजह

    वास्तु के अनुसार, बेडरूम में बेड के ठीक सामने कभी भी शीशा नहीं होना चाहिए। अगर सोते समय आपकी परछाई शीशे में दिख रही है, तो यह पति-पत्नी के बीच तनाव और गलतफहमियों को जन्म देता है। इससे स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है और रात में डरावने सपने या बेचैनी महसूस हो सकती है।

    समाधान: यदि शीशा हटाना मुमकिन न हो, तो सोते समय उसे किसी कपड़े से ढक दें।

    दिशा का चुनाव: कहां भूलकर भी न लगाएं

      शीशा लगाने के लिए दक्षिण (South) और पश्चिम (West) दिशा को सबसे घातक माना गया है। इन दिशाओं में लगा आईना घर की सुख-समृद्धि को सोख लेता है और आर्थिक तंगी का कारण बनता है। इससे परिवार पर कर्ज का बोझ बढ़ सकता है।

      सही दिशा: हमेशा उत्तर (North) या पूर्व (East) की दीवार पर शीशा लगाएं। यह दिशाएं धन के आगमन के लिए सबसे शुभ मानी जाती हैं।

      ऊंचाई का रखें खास ख्याल

        अक्सर लोग अपनी सुविधा के अनुसार शीशा बहुत ऊपर या बहुत नीचे टांग देते हैं। वास्तु के अनुसार, शीशा हमेशा आंखों के स्तर (Eye Level) पर होना चाहिए। बहुत ऊपर लगा शीशा तरक्की रोकता है, जबकि बहुत नीचे लगा आईना मानसिक अशांति और बीमारियों का कारण बनता है।

        गोल शीशा यानी 'मुसीबत' का गोल घेरा

          आजकल फैशन के चक्कर में लोग गोल (Round) या ओवल आकार के शीशे लगाते हैं। लेकिन वास्तु कहता है कि घर के लिए हमेशा चौकोर (Square) या आयतकार (Rectangular) शीशा ही सबसे अच्छा होता है। गोल शीशा ऊर्जा को बिखेर देता है, जिससे घर के सदस्यों में एकाग्रता की कमी आती है।

          टूटा और धुंधला आईना: दुखों का द्वार

            घर में कभी भी टूटा हुआ, चटका हुआ या धुंधला पड़ चुका शीशा न रखें। ऐसा आईना सीधे तौर पर वास्तु दोष पैदा करता है, जिससे घर में कलह, क्लेश और बेवजह के झगड़े बढ़ते हैं। जैसे ही शीशा टूटे, उसे तुरंत घर से बाहर कर देना चाहिए।

            कुछ खास 'वैल्यू एडिशन' टिप्स:

            तिजोरी के सामने शीशा: अगर आप अपनी अलमारी या तिजोरी के सामने एक शीशा लगाते हैं जिसमें आपके गहने या पैसे दिखें, तो वास्तु के अनुसार इससे धन की बरकत दोगुनी हो जाती है।

            मुख्य द्वार (Main Door): घर के मुख्य दरवाजे के ठीक सामने शीशा कभी न लगाएं। ऐसा करने से घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा टकराकर वापस बाहर चली जाती है।

            सफाई का महत्व: शीशा जितना साफ और चमकदार होगा, घर की ऊर्जा उतनी ही शुद्ध रहेगी। गंदा आईना धुंधली सोच और भ्रम पैदा करता है।

            आईना केवल आपका चेहरा नहीं, बल्कि आपके घर की किस्मत भी दिखाता है। इन छोटे-छोटे बदलावों को अपनाकर आप अपने घर में खुशहाली और तरक्की ला सकते हैं।