Vastu Tips for Holi: होली से पहले वास्तु अनुसार घर की सफाई करें। टूटी चीजें, बंद घड़ी, खंडित मूर्ति और कबाड़ हटाकर पाएं धन, सुख और सकारात्मक ऊर्जा।
Vastu Tips for Holi: होली का त्योहार बस दस्तक देने ही वाला है। रंगों, गुझिया और मस्ती के इस उत्सव से पहले हम सभी के घरों में महा-सफाई का अभियान छिड़ चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ धूल-मिट्टी झाड़ देना ही काफी नहीं है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के कोनों में छिपी कुछ चीजें आपकी तरक्की और खुशहाली को नजर लगा सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि इस बार रंगों के साथ-साथ आपके घर में मां लक्ष्मी का भी आगमन हो, तो सफाई के दौरान इन चीजों को तुरंत विदा कर दें।
अक्सर हम बाद में ठीक करा लेंगे के चक्कर में टूटे हुए बर्तन, चटक चुके कांच के सामान या टूटी चप्पलें स्टोर रूम में पटक देते हैं। वास्तु के अनुसार, ये चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) का सबसे बड़ा स्रोत हैं। इनसे मानसिक तनाव बढ़ता है और घर के सदस्यों के बीच अनबन की स्थिति बनी रहती है।
क्या आपके घर की किसी दीवार पर कोई ऐसी घड़ी है जो बंद पड़ी है? तो उसे आज ही ठीक कराएं या हटा दें। रुकी हुई घड़ी जीवन में ठहराव और बाधाओं का प्रतीक मानी जाती है। वक्त को आगे बढ़ाना है तो घड़ी का चलते रहना जरूरी है।
मंदिर घर का सबसे पवित्र कोना होता है। सफाई के दौरान अगर आपको कोई खंडित (टूटी हुई) मूर्ति या फटी हुई धार्मिक तस्वीर दिखे, तो उसे ससम्मान हटा दें। इन्हें घर में रखने से वास्तु दोष लगता है। होली से पहले इन्हें किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करना या किसी पेड़ के नीचे रखना बेहतर होता है।
टूटा हुआ आईना न केवल असुरक्षित है, बल्कि यह वास्तु के नजरिए से भी अशुभ है। यह घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा को परावर्तित (Reflect) करके वापस भेज देता है। इस होली, चमकते रंगों के साथ अपने घर के शीशों को भी चमकाएं!
मुख्य द्वार का महत्व: होली पर घर के मुख्य दरवाजे पर वंदनवार (Toran) जरूर लगाएं। आम के पत्तों या गेंदे के फूल का वंदनवार नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
ईशान कोण की सफाई: घर के उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) को बिल्कुल खाली और साफ रखें। इसे देवताओं का स्थान माना जाता है, यहां सफाई रखने से धन लाभ के योग बनते हैं।
पुराना कबाड़ और अखबार: बरसों से जमा पुराने अखबार और रद्दी दिमागी बोझ बढ़ाते हैं। इस होली कबाड़ मुक्त घर का संकल्प लें।
होली सिर्फ रंगों का खेल नहीं, बल्कि पुराने गिले-शिकवे मिटाकर नई शुरुआत करने का मौका है। जब घर वास्तु के अनुसार साफ और व्यवस्थित होता है, तो मन में भी शांति रहती है। तो उठाइए झाड़ू, निकालिए कबाड़ और अपने घर को खुशियों के स्वागत के लिए तैयार कीजिए।