
Panchang 23 February 2026 : 23 फरवरी 2026 का पंचांग (फोटो सोर्स: AI image@Gemini)
Aaj Ka Panchang 23 February 2026: फरवरी का यह सोमवार ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास होने वाला है। आज न केवल ग्रहों के सेनापति मंगल अपनी चाल बदल रहे हैं, बल्कि आज 'गोरुपिणी छठ' का पावन पर्व भी है। अगर आप आज किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं या कहीं यात्रा पर जा रहे हैं, तो यह लेख अंत तक जरूर पढ़ें।
आज दिन की सबसे बड़ी खगोलीय घटना मंगल ग्रह का कुंभ राशि में प्रवेश है। दोपहर 11:50 बजे मंगल कुंभ राशि में गोचर करेंगे। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस और भूमि का कारक माना जाता है। कुंभ में मंगल का आना तकनीकी क्षेत्र, राजनीति और सामाजिक सुधारों के लिए बड़े बदलाव लेकर आ सकता है।
| क्रम संख्या | विवरण (Category) | जानकारी (Data) |
|---|---|---|
| 1 | विक्रम संवत् | 2082 |
| 2 | संवत्सर नाम | सिद्धार्थ |
| 3 | शक संवत् | 1947 |
| 4 | हिजरी सन् | 1447 |
| 5 | मुस्लिम मास | 5 रमजान |
| 6 | अयन | उत्तरायण |
| 7 | ऋतु | बसंत ऋतु |
| 8 | मास | फाल्गुन |
| 9 | पक्ष | शुक्ल |
आज अमृत का चौघड़िया सूर्योदय से 8.26 तक रहेगा. शुभ का चौघड़िया 9.51 से 11.15 तक रहेगा, चर का चौघड़िया 2.05 से 3.30 तक रहेगा तथा लाभ व अमृत के चौघड़िये क्रमशः 3.30 से सूर्यास्त तक रहेंगे. इन चौघड़ियों में शुभ कार्य प्रारम्भ किए जा सकते हैं।
दिशा शूल - आज पूर्व में दिशा शूल रहेगा। इसलिए आज पूर्व दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
उपाय - यदि पूर्व दिशा में यात्रा करना आज आवश्यक हो और टालना संभव ना हो तो यात्रा प्रारंभ करने से पूर्व दूध पीकर या दही व गुड़ का सेवन कर, शुभ शगुन लेकर यात्रा प्रारम्भ करें।
राहु काल वेला - (मध्यमान से) दिन 7.30 से 9.00 तक
उपाय - राहु काल में शुभ कार्यों का प्रारंभ नहीं करना चाहिए। यदि कार्य को टाला जाना संभव ना हो तो प्रातःकाल सूर्योदय कालीन सूर्य के दर्शन करके ही कार्य प्रारंभ करें। इससे राहुकाल का दुष्प्रभाव कम होगा।
तिथि – षष्ठी तिथि दिन 9.10 तक होगी तदुपरान्त सप्तमी तिथि होगी ।
नक्षत्र – भरणी नक्षत्र दिन 4.34 तक होगा तदुपरान्त कृत्तिका नक्षत्र होगा ।
योग – ब्रह्म योग दिन 10.19 तक रहेगा तदुपरान्त ऐन्द्र योग रहेगा ।
करण – तैतिल करण दिन 9.10 तक रहेगा तदुपरान्त गर करण रहेगा।
विशिष्ट योग – रवियोग दिन 4-34 तक,
व्रत / दिवस विशेष – गोरुपिणी छठ् (बंगाल), गाडगे महाराज जयंती
चन्द्रमा – आज रात्रि 10.12 तक मेष राशि में होगा तदुपरान्त वृष राशि में प्रवेश होगा ।
मंगल का कुंभ राशि में प्रवेश दिन 11-50 पर,
आज जन्म लेने वाले बच्चे – आज रात्रि 10.12 तक जन्म लेने वाले बच्चों की राशि मेष होगी तदुपरान्त वृष राशि होगी ।
आज दिन 4.34 तक जन्म लेने वाले बच्चों का भरणी नक्षत्र होगा तदुपरान्त कृत्तिका नक्षत्र होगा ।
आज जन्मे बच्चों का स्वर्ण पाद होगा ।
आज जन्म लेने वाले बच्चों के प्रथम नामाक्षर ले, लो, अ, इ, उ पर रखे जा सकते हैं।
मेष राशि अग्नि तत्त्व व क्षत्रिय स्वभाव राशि है। इसके स्वामी ग्रह मंगल हैं। इस राशि में जन्मे बच्चे दबंग, साहसी, कुटुंब का पालन करने वाले, कार्यारम्भ में रूचि रखने वाले, हमेशा सक्रिय, चुनौतियों को स्वीकार करने वाले, जुझारू और थोड़े जल्दबाज होते हैं। शारीरिक सौष्ठव को बनाये रखने के लिए सदा क्रियाशील रहते हैं। इनकी स्मरण शक्ति तेज होती हैं। ऐसे जातक परोपकारी, कोमल स्वभाव, तेजस्वी, सुशील, सभी के चित को प्रसन्न करने वाले,साहसी, उधमी एवं परिश्रमी होते हैं।
वृष राशि के स्वामी शुक्र हैं. वृष राशि में जन्मे बच्चे सौम्य स्वभाव, सहनशील, धैर्यवान, शीतल स्वभाव वाले, कलात्मक, रसिक प्रवृत्ति वाले, तेजस्वी, संघर्षशील, हठी, स्वाभिमानी, दयालु, कृतज्ञ, माता पिता व गुरु भक्त, आकर्षक, ऐश्वर्य युक्त, आभूषण आदि अलंकरण प्रिय होते हैं.
Published on:
22 Feb 2026 12:31 pm
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