Vastu Tips for Prosperity : सूर्यास्त के बाद कुछ काम करना वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है। जानिए शाम के समय किन 5 आदतों से बचना चाहिए ताकि देवी लक्ष्मी की कृपा बनी रहे और घर में सुख-समृद्धि आए।
Vastu Tips for Prosperity, Suryaast Ke Baad Kya Na Kare : सारा दिन की भागदौड़ के बाद, जब सूरज डूबता है, तो सबकुछ थोड़ा ठहर जाता है। घर में भी उस वक्त एक अलग सी शांति और पॉजिटिव एनर्जी महसूस होती है। हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में शाम के वक्त को संध्या काल कहते हैं। ये समय पूजा-पाठ के लिए सबसे खास माना जाता है। अक्सर घर के बड़े लोग इस समय सोने या झाड़ू लगाने से रोकते हैं। आप सोच सकते हैं, ये सिर्फ पुरानी बातें हैं या इसमें कोई सच्चाई है? एस्ट्रोलॉजर और वास्तुविद शरद शर्मा ने कहा, असल में इन मान्यताओं के पीछे वास्तु और साइंस दोनों का तर्क छुपा है।
वास्तु के हिसाब से सूरज डूबने के बाद घर में झाड़ू लगाना अच्छा नहीं है। ऐसा मानते हैं कि देवी लक्ष्मी इसी समय घर आती हैं। अगर आप इस वक्त सफाई करते हैं, तो आप अनजाने में घर की खुशहाली और पॉजिटिव एनर्जी ही बाहर कर देते हैं।
शाम के बाद किसी को पैसे देना या लेना दोनों ही अशुभ माने जाते हैं। कहते हैं, इस समय अगर पैसे का लेन-देन करते हैं, तो लक्ष्मी रूठ जाती हैं और घर में पैसों की कमी महसूस होने लगती है।
पौधे भी सूरज डूबने के बाद आराम करते हैं। ऐसे में उन पर पानी डालना या छेड़छाड़ करना, खासतौर पर पत्ते तोड़ना, घर में वास्तु दोष पैदा करता है। इससे एनर्जी का संतुलन बिगड़ जाता है।
शाम के बाद दही, दूध या सफेद रंग की चीजें दान करना अच्छा नहीं माना जाता। ये चीजें शुक्र और चंद्रमा से जुड़ी हैं। कहते हैं, इस वक्त इनका दान घर की सुख-शांति कम कर देता है।
बीमार या बुजुर्गों को छोड़ दें, तो बाकी लोगों के लिए शाम को सोना आलस और गरीबी को बुलावा देता है। ये समय मन लगाकर ध्यान, पूजा और आध्यात्म के लिए सबसे अच्छा है सोने के लिए नहीं।
छोटी-छोटी चीजें हैं, मगर इनका असर घर के माहौल और पॉजिटिविटी पर साफ नजर आता है। आप भी ट्राय कीजिए और देखिए, घर में कैसे एक अलग सुकून और खुशहाली आती है।
अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।