Vastu for Business Growth: भारतीय परंपरा में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व रहा है। माना जाता है कि यदि व्यापार की शुरुआत और संचालन सही दिशा और ऊर्जा के अनुसार हो, तो उन्नति और लाभ अपने आप बढ़ते हैं। आज भी कई व्यापारी अपने ऑफिस, दुकान या फैक्ट्री की व्यवस्था वास्तु सिद्धांतों के अनुसार रखते हैं ताकि व्यापार में स्थिरता और बरकत बनी रहे।
Vastu for Business Growth: अगर व्यापार में मेहनत के बावजूद उम्मीद के मुताबिक मुनाफा नहीं मिल रहा, तो इसके पीछे वास्तु दोष भी एक कारण हो सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दुकान, ऑफिस या कार्यस्थल की दिशा और ऊर्जा सीधे तौर पर आमदनी और तरक्की को प्रभावित करती है। ऐसे में कुछ छोटे लेकिन सही बदलाव अपनाकर न सिर्फ घाटे से बचा जा सकता है, बल्कि व्यापार में बरकत और स्थिर वृद्धि भी हासिल की जा सकती है। आइए जानते हैं बिजनेस ग्रोथ के लिए कौन से खास वास्तु टिप्स आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
व्यापार में वृद्धि के लिए Maa Lakshmi और Lord Ganesha की पूजा अत्यंत शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि सोने-चांदी के सिक्कों की माला बनाकर कुछ दिनों तक लक्ष्मी-गणेश के चरणों में अर्पित करें। बाद में उस माला को कार्यस्थल पर सुरक्षित स्थान पर रख दें। इससे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और आर्थिक प्रवाह में सुधार होता है।
वास्तु के अनुसार, स्टॉक या माल का भंडारण दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम दिशा में करना शुभ होता है। यह दिशा स्थिरता और मजबूती का प्रतीक मानी जाती है। भारी सामान को दक्षिण दिशा में रखें, जबकि हल्का सामान उत्तर-पूर्व में रखना बेहतर माना गया है। स्टोर रूम में साफ-सफाई और व्यवस्थित ढंग से सामान रखना आवश्यक है, क्योंकि अव्यवस्था नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ा सकती है।
व्यवसाय के मालिक या प्रबंधक को दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में बैठना चाहिए और उनका मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना शुभ माना जाता है। यह निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है। टूटी-फूटी कुर्सी या मेज का उपयोग करने से बचें, क्योंकि यह आर्थिक अस्थिरता का संकेत माना जाता है।