
वाराणसी. यूपी में निकाय चुनाव में महत्वपूर्ण पदों पर मिली जीत से भले ही बीजेपी उत्साहित है लेकिन भगवा सेना के लिए यह साल अच्छा नहीं बीता है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एबीवीपी को बड़ी हार मिली है। इसके बाद दो जगहों के छात्रसंघ चुनाव बाकी है, जहां पर झटका लगता है तो फिर विद्यार्थी परिषद को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के लिए २२ को नामांकन व ३० को मतदान होगा। हरिश्चन्द्र पीजी कालेज में १७ को नामांकन व २८ को छात्रसंघ चुनाव होना है। सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में निर्वतान अध्यक्ष को जीताने के लिए सपा व कांग्रेस ने गठबंधन किया था और एबीवीपी को पटखनी दी थी। हरिश्चन्द्र पीजी कॉलेज में पहली बार एबीवीपी को बड़ी सफलता मिली थी और भगवा सेना की महिला प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर चुनाव जीत कर रिकॉर्ड बनाया था। हरिश्चन्द्र पीजी कालेज को सपा के छात्र विंग समाजवादी छात्रसभा का गढ़ माना जाता है ऐसे में यहां पर फिर से चुनाव में विजयी पताका फहराना एबीवीपी के लिए आसान नहीं होगा।
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यूपी में सत्ता मिलते ही मिली हार
यूपी में सपा के शासनकाल में एबीवीपी ने कई जगहों पर चुनाव जीता था इसी साल सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार को सत्ता मिली है और विश्वविद्यालय में एबवीपी को हार मिलने लगी है। सपा सरकार पर एबीवीपी हमेशा ही छात्रसभा प्रत्याशियों को सहयोग करने का आरोप लगाती आयी है, लेकिन जब उनकी पार्टी की सरकार आयी तो सारा आंकड़ा बदल गया।
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प्रत्याशियों के चयन के चलते मिली हार
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की बात की जाये तो यहां पर अध्यक्ष पद का चुनाव जीते छात्र ने पहले एबीवीपी से टिकट मांगा था, लेकिन टिकट नहीं मिलने पर वह निर्दल ही चुनाव लड़ा था और जीत गया था जबकि एबीवीपी के प्रत्याशी को करारी शिकस्त मिली थी ऐसे में प्रत्याशियों के चयन में सावधानी बरतनी होगी, नहीं तो भगवा सेना को फिर हार का सामना करना पड़ सकता है।
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