
Akashdeep in Kashi: काशी की प्राचीन आकाशदीप परंपरा को राष्ट्रभक्ति से जोड़ते हुए दशाश्वमेध घाट स्थित गंगा सेवा निधि ने मंगलवार को घाट पर अमर वीर योद्धाओं की स्मृति में आकाशदीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कारगिल युद्ध में भारत के विजय के बाद 1999 में शुरू हुए इस संकल्प के 27 वर्ष पूरे हो गए हैं। संस्था की ओर से पूरे कार्तिक मास गंगा घाट पर देश के अमर शहीदों की याद में आकाशदीप जलाए जाएंगे। कार्तिक पूर्णिमा पर 24 नवंबर को देवदीपावली महोत्सव के दौरान 'भगीरथ शौर्य सम्मान' देकर वीर शहीदों को नमन किया जाएगा। साथ ही शहीद परिवारों को सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
काशी में हर साल इस कार्यक्रम का आयोजन होता आया है। मंगलवार को इसका शुभारंभ गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों के साथ किया गया। इसके बाद अतिथियों ने अमर बलिदानियों को नमन करते हुए आकाशदीप प्रज्ज्वलित किए। काशी में कार्तिक मास के दौरान पूर्वजों की स्मृति में आकाशदीप जलाने की प्राचीन परंपरा रही है। गंगा सेवा निधि ने वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध के बाद इस परंपरा को देश के वीर सैनिकों और बलिदानियों की स्मृति से जोड़ने का संकल्प लिया था। संस्था के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा के मुताबिक, यह आयोजन आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद का पूर्ण संगम है। पूरे कार्तिक मास जलने वाले आकाशदीप देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
बता दें कि वर्ष 95वीं बटालियन सीआरपीएफ के बलिदानी शशिकांत सिंह (कांस्टेबल/ड्राइवर) और 183वीं बटालियन सीआरपीएफ के बलिदानी सुनील कुमार सहित एनडीआरएफ, भारतीय थल सेना, वायु सेना, सीआईएसएफ, रेलवे सुरक्षा बल और पुलिस के वीर जवानों की स्मृति में आकाशदीप जलाए गए हैं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि महापौर अशोक तिवारी, अन्नपूर्णा मठ मंदिर के महंत शंकर पुरी और कार्यक्रम अध्यक्ष ब्रिगेडियर उमेश ए परब सहित सीआरपीएफ के कमांडेंट राजेश्वर बालापुरकर, एयर फोर्स सेलेक्शन बोर्ड के ग्रुप कैप्टन सचित सूद तथा एनडीआरएफ के कमांडिंग ऑफिसर अनुप सिंह बिष्ट मौजूद रहे।
इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और संस्था के पदाधिकारी भी इसमें शामिल हुए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रो. रेवती साकलकर ने गायन प्रस्तुत किया। तबले पर संगीत कुमार और हारमोनियम पर पंकज मिश्र ने संगत की। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सचिव सुरजीत कुमार सिंह ने अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।