सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में सपा के कद्दावर नेता पर दर्ज हो चुके हैं दर्जनों मुकदमे, जानिए क्या है कहानी
वाराणसी. समाजवादी पार्टी में एक बार फिर आजम खा सब पर भारी पड़ गये हैं और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बात पर मुहर लगा दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार में सपा के कद्दावर नेता आजम खा पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इसको लेकर अखिलेश यादव ने अपना विरोध भी जताया था लेकिन अब पार्टी अध्यक्ष ने आजम खा का ऐसे समय साथ दिया है जब उन्हें सबसे अधिक जरूरत थी।
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प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी को विजय दिलाने के लिए इन सीटों के लिए ताबड़तोड़ प्रचार किया है। जबकि बसपा सुप्रीमो मायावती ने उपचुनाव से दूरी बनायी हुई है। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अन्य सीटों पर चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं गये हैं लेकिन रामपुर की सीट पर चुनाव प्रचार करने जाने वाले हैं। आजम खा के सांसद बने से रिक्ट हुई सीट पर उनकी पत्नी व राज्यसभा सदस्य डा तजीन को प्रत्याशी बनाया है और अखिलेश यादव 19 अक्टूबर को चुनाव प्रचार बंद होने से पहले प्रचार करने जायेंगे। सपा के लिए पूर्वांचल की दो सीटे भी महत्वपूर्ण हैं। क्षत्रिय बाहुबली राजा भैया के गढ़ प्रतापगढ़ व मऊ की एक-एक सीटों पर भी उपचुनाव हो रहा है। पूर्वांचल में सपा की ताकत बचाये रखने के लिए अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव की संसदीय सीट से चुनाव लड़ा था, जिसे पर विजय हासिल की है इसके बाद भी अखिलेश यादव ने पूर्वांचल से दूरी बनाते हुए आजम खा की पत्नी के लिए ही प्रचार करने जा रहे हैं इससे साबित होता है कि सपा के अन्य प्रत्याशियों पर आजम खा भारी पड़ गये हैं और चुनाव प्रचार करने जा कर अखिलेश यादव इस बात पर मुहर लगा देंगे।
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उपचुनाव को भी गंभीरता से ले रही है बीजेपी
पीएम नरेन्द्र मोदी की लहर में बीजेपी ने यूपी चुनाव में विजय हासिल की थी उसके बाद प्रदेश की कमान सीएम योगी आदित्यनाथ को मिली है। बीजेपी सभी चुनाव को गंभीरता से ले रही है। इसके चलते सीएम योगी आदित्याथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या से लेकर दिनेश लाल निरहुआ तक बीजेपी प्रत्याशी का प्रचार कर रहे हैं। जबकि बसपा व सपा के बड़े नेताओं की तरह राहुल गांधी व प्रियंका गांधी ने भी अपने प्रत्याशियों से दूरी बनाते हुए उन्हें अपने हाल पर छोड़ दिया है।
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