पीएम नरेन्द्र मोदी ने कही थी यह बात, अब बनाने जा रहे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल

अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगा नया अस्पताल, संत कबीर मल्टीस्पेशियलिटी होगा अस्पताल का नाम

वाराणसी. अबू धाबी में पहला हिन्दू मंदिर का निर्माण कराने वाले डा.वीआर शेट्टी अब बनारस में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने जा रहे हैं। शनिवार को सिद्धपीठ कबीरचौरामठ मूलगादी ट्रस्ट में मीडिया से बात करते हुए डा.शेट्टी ने बताया कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। अबू धाबी ने पीएम मोदी से भेट हुई थी तो उन्होंने बनारस के लिए कुछ करने को कहा था इसके बाद ही इतना बड़ा अस्पताल बनाने का निर्णय किया।
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डा.वीआर शेट्टी को कई देशों में 100 से अधिक अस्पताल है। उन्होंने बताया कि काफी समय से बनारस में जमीन खोज रहा था लेकिन मिल नहीं पायी थी। भगवान के रुप में कबीर मठ के लोग आये और जमीन देने को तैयार हो गये। उन्होंने कहा कि अगले साल से अस्पताल का निर्माण शुरू हो जायेगा। जिला प्रशासन से अनुमति के बाद तेजी से काम किया जायेगा। अस्पताल के निर्माण पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहां पर एयर एम्बुलेंस से लेकर अन्य सारी सुविधा मौजूद होगी। डा.शेट्टी ने कहा कि नया अस्पताल आम से लेकर खास सभी के लिए होगा। अस्पताल में प्रथम चरण में पांच सौ बेड से शुरूआत की जायेगी। 2022 के जनवरी माह में अस्पताल की ओपीडी व इनडोर आरंभ हो जायेगा। अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण में मदद देने के प्रश्र पर डा.वीआर शेट्टी ने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है इसलिए कुछ नहीं कहेंगे। मीडिया ने जब पूछा कि यदि सुप्रीम कोर्ट राम मंदिर निर्माण की अनुमति दे देता है तो कहा कि वह कार सेवक की तरह जायेंगे और मंदिर निर्माण में आर्थिक मदद भी करेंगे।
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शिवपुर में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल
सिद्धपीठ कबीरचौरामठ मूलगादी ट्रस्ट के महंत आचार्य विवेकदास ने बताया कि शिवपुर के कादीपुर में मठ की पांच एकड़ जमीन है। इस जमीन पर भूमाफियाओं की नजर लगी हुई थी वह खुद चाहते थे कि कबीर के नाम पर यहां पर अस्पताल बने। इस संदर्भ में जब डा.वीआर शेट्टी से भेंट हुई तो अस्पताल निर्माण पर अनुबंध हो गया। उन्होंने कहा कि परिसर में पेड़-पौधे व बाग और बगीचे भी है। अस्पताल निर्माण के दौरान इनकी सुरक्षा का ध्यान रखा जायेगा। अधिकतर पेड़ों को संरक्षित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संत कबीर सुपरमल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल के नाम से एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा। अस्पताल के निर्माण में अन्य लोगों से भी सहयोग की अपील की गयी है।
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Devesh Singh
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