वाराणसी

अखिलेश यादव के पोस्टर से गरमाई यूपी की शियासत, सपा कार्यकर्ताओं ने की मुकदमा दर्ज करने की मांग, वाराणसी पुलिस कमिश्नर को दिया पत्रक

UP Politics News: अचानक विभिन्न शहरों में लगे पोस्टर के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।वाराणसी में भी विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए गए थे..
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Updated: 22 Sep 2026, 12:51 PM IST
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पत्रक देते सपा कार्यकर्ता, (Pc-Vijendra Mishra)

Poster Against Akhilesh yadav: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच सोमवार को राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में समाजवादी पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को टारगेट करते हुए पोस्टर लगाए गए। अचानक विभिन्न शहरों में लगे पोस्टर के बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है। वाराणसी में भी विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाए गए थे। इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देते हुए मामले में संबंधितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

क्या है मांग

समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव राजू यादव ने बताया कि वाराणसी में पांडेपुर और सिगरा के कई इलाकों में पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर को जोड़कर आपत्तिजनक और भ्रामक राजनीतिक बैनर पोस्टर लगाए गए थे। पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से की जा रही है, यहां तक कि वाहनों का चालान भी सीसीटीवी के जरिए ही किया जा रहा है। ऐसे में पोस्टर लगाए जाने वाले लोगों को तुरंत ही चिन्हित करके उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।

उन्होंने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन देते हुए कहा है कि इस बैनर को सुनियोजित तरीके से अखिलेश यादव के सार्वजनिक और राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए लगाया गया था। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव की छवि को खराब करने के लिए स्लोगन लिखे गए थे। इसके साथ ही अतीक अहमद और मुन्ना बजरंगी जैसे लोगों के साथ अखिलेश यादव को पोस्टर में दर्शाया गया था। राजू यादव ने मांग की है कि पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति को तत्काल ही चिन्हित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

कहां लगे थे पोस्टर

बता दें कि अखिलेश यादव का पोस्टर लखनऊ के अलावा उन्नाव वाराणसी, इटावा, सीतापुर, बरेली, मेरठ, आजमगढ़ और गाजीपुर समेत कई शहरों में लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर अलग-अलग आपराधिक मामलों में चर्चित नाम का जिक्र भी किया गया था। पोस्टर पर एक स्लोगन भी लिखा गया था। इसमें 'अतीक अहमद और मुख्तार, यही चलाते थे सरकार' और 'अखिलेश के माफिया, माफिया के अखिलेश' जैसे स्लोगन भी इस पोस्टर पर लिखे गए थे। पोस्टर के जरिए समाजवादी पार्टी के शासनकाल को लेकर गंभीर आरोपों लगाए गए थे। हालांकि, अभी तक इस बात की जानकारी नहीं हो पाई है कि इन पोस्टरों को किसी संगठन या किसी व्यक्ति ने लगाया था।

Updated on:
22 Sep 2026, 12:51 PM IST
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