
BHU News: वाराणसी में गैस सिलेंडर में हेरा फेरी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां एक प्रोफेसर को गैस सिलेंडर की डिलीवरी की गई, जिसमें 3.8 किलो गैस कम पाया गया। गैस कम मिलने के बाद प्रोफेसर ने इस मामले में प्रधानमंत्री के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, शिकायत मिलने के बाद जिला पूर्ति विभाग इसकी जांच में जुटा हुआ है। जिला पूर्ति अधिकारी ने बताया है कि मामले की पूरी तरीके से जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, यह मामला काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में रहने वाले कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉ ओम शंकर से जुड़ा है। आरोप है कि डॉ ओम शंकर ने इंडियन ऑयल (इंडेन) का सिलेंडर बुक किया था, जिसमें 3.8 किलो गैस कम मिला है। सिलेंडर की डिलीवरी के बाद प्रोफेसर ने इसका वजन कराया, इसके बाद उन्हें इस बात की जानकारी हुई। प्रोफेसर ने बताया है कि उन्हें दिए गए सिलेंडर पर उसका वजन (टियर वेट) 15 किलोग्राम दर्ज था।
प्रोफेसर के मुताबिक, जो नियम है उसमें घरेलू सिलेंडर में 14.02 किलोग्राम गैस भरी जाती है। इसके हिसाब से भरे हुए सिलेंडर का कुल वजन 29.2 किलोग्राम रहना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने सिलेंडर को तौलने वाली मशीन पर रखवाया तो उसका कुल वजन मात्र 25.4 किलोग्राम ही दर्ज हुआ। यानी कि सिलेंडर में से 3.8 किलोग्राम गैस निकाल लिया गया था। मामला सामने आने के बाद प्रोफेसर ने डिलीवरी वेंडर और एजेंसी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की।
प्रोफेसर ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से की है। प्रोफेसर का आरोप है कि शहर के कई इलाकों में घरेलू गैस को अवैध रूप से निकलकर व्यावसायिक इस्तेमाल या अवैध रिफिलिंग के जरिए 200 से 300 रुपए प्रति किलोग्राम तक बेचा जा रहा है। वहीं, मामला संज्ञान में आने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया है कि पूरे मामले को लेकर आपूर्ति विभाग की टीम बाट माप के साथ सभी आरोपी की जांच करेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि इस तरह की शिकायत आती है तो सिलेंडर लेने से मना कर दें। इसके बाद मामले की जानकारी विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।