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BHU के डॉक्टर्स की उपलब्धि: स्लीप एपनिया के लिए बने डिवाइस को मिला भारतीय पेटेंट, जानें क्या है यह बीमारी

Health News: भारतीय पेटेंट अधिनियम के अंतर्गत ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) के प्रबंधन के लिए विकसित एक अभिनव मैंडिबुलर एडवांसमेंट डिवाइस (MAD) को पेटेंट प्रदान किया गया है।
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Updated: 7 Nov 2026, 2:43 PM IST
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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, (फाइल फोटो-पत्रिका)

BHU News: भारतीय पेटेंट अधिनियम के अंतर्गत ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) के प्रबंधन के लिए विकसित एक अभिनव मैंडिबुलर एडवांसमेंट डिवाइस (MAD) को पेटेंट प्रदान किया गया है। इस आविष्कार को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के डॉ. विपुल शर्मा, डॉ. टीपी चतुर्वेदी एवं डॉ. एचसी बरनवाल द्वारा विकसित किया गया है, जो दंत चिकित्सा एवं निद्रा चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डॉ. टीपी चतुर्वेदी और डॉ. विपुल शर्मा ने आगे बताया कि डेंटल स्लीप मेडिसिन, दंत चिकित्सा की एक उभरती हुई नई शाखा है, जिसके माध्यम से जबड़ों की असामान्यताओं के कारण खर्राटे एवं सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित मरीजों का उपचार संभव हो सकेगा। यह मौखिक उपकरण जबड़े की स्थिति को ठीक करने के लिए डेंटिस्ट द्वारा दिए गए विशेष उपकरण है।

जानें क्या करता है डिवाइस

पेटेंट प्राप्त यह उपकरण इसके गैर-शल्य चिकित्सा प्रबंधन के लिए एक अभिनव दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। इसमें एक नियंत्रित एवं समायोज्य तंत्र दिया गया है, जो धीरे-धीरे मैंडिबल (निचले जबड़े) को आगे की ओर बढ़ाता है, जिससे ऊपरी सांस मार्ग का आयाम बढ़ाने में सहायता मिलती है। जबड़े की यह अग्रगामी स्थिति नींद के दौरान हवा के प्रवाह को सुगम बनाती है और सांस लेने के दौरान मार्ग में अवरोध को कम करने के साथ-साथ श्वसन प्रक्रिया व नींद की गुणवत्ता में सुधार लाने का उद्देश्य रखती है।

डॉ. विपुल शर्मा ने बताया कि यह उपकरण ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) से पीड़ित मरीजों के लिए एक सुविधाजनक, मरीज-अनुकूल गैर इनवेसि उपचार पद्धति प्रस्तुत करता है। इसके समायोज्य संरचना के माध्यम से प्रत्येक मरीज की व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुसार जबड़े को नियंत्रित रूप से आगे बढ़ाना संभव है। डॉ. टीपी चतुर्वेदी ने बताया कि यह पेटेंट एक उल्लेखनीय उपलब्धि है, जो आविष्कारकों की अंतर्विषयक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार तथा मरीजों की चिकित्सा एवं देखभाल को बेहतर बनाने वाले व्यावहारिक समाधानों के विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह एक महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य समस्या के समाधान में स्वदेशी नवाचार की संभावनाओं को भी उजागर करता है।

क्या है लक्षण

ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) नींद से जुड़ी एक गंभीर समस्या है जिसमें सोते समय गले की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं और सांस की नली बार-बार बंद हो जाती है। इससे नींद के दौरान सांस कुछ देर के लिए रुक जाती है और फिर अचानक खुलती है। इसमें मुख्य लक्षण में जोर-जोर से खर्राटे लेना, सोते समय अचानक सांस या दम घुटना, सुबह उठने पर सिरदर्द या मुंह सूखना, पर्याप्त सोने के बाद भी दिन में अत्यधिक थकान या नींद आना, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी होना शामिल है।

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7 Nov 2026, 2:43 PM IST
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