वाराणसी

चाय की चुस्की के साथ ओमान के लोग चखेंगे बनारसी स्वाद, पहली बार वाराणसी से भेजी गई 40 मिट्रिक टन बिस्कुट की खेप

Biscuits Export From Varanasi: धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की वैश्विक राजधानी काशी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक प्रगति के मानचित्र पर भी नई पहचान दर्ज करा रही है। वाराणसी से पहली बार ओमान के लिए 40 मीट्रिक टन बिस्कुट का निर्यात किया गया है।
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Jun 20, 2026
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वाराणसी से ओमान भेजी गई बिस्कुट की खेप (फोटो-पत्रिका)

Biscuit Export to Oman from Varanasi: धर्म और संस्कृति की राजधानी काशी अपने खान-पान के लिए भी जानी जाती है। ऐसे में बात करें बनारसी पान या लंगड़ा आम की तो दोनों ही यहां का मशहूर व्यंजन है, लेकिन अब बनारसी बिस्कुट भी मशहूर होने के कतार में खड़ा है। यहां से पहली बार ओमान के लिए बिस्कुट की खेप भेजी गई है, जो व्यापारियों को रोजगार के नए आयाम देगी।

धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की वैश्विक राजधानी काशी अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार और औद्योगिक प्रगति के मानचित्र पर भी नई पहचान दर्ज करा रही है। वाराणसी से पहली बार ओमान के लिए 40 मीट्रिक टन बिस्कुट का निर्यात किया गया है। अब ओमान के लोग भी चाय की चुस्की के साथ बनारसी बिस्कुट का स्वाद चखेंगे। वाराणसी से अंतरराष्ट्रीय स्तर की उड़ान बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है। ये खेप वाराणसी के औद्योगिक क्षेत्र, करिखियॉव फूड पार्क से रवाना किया गया है।

सड़क मार्ग से मुंबई जाएगी खेप

जानकारी के मुताबिक, यह खेप वाराणसी से सड़क मार्ग से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचेगी। वहां सीमा शुल्क संबंधी सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट मुंबई भेजा जाएगा, जहां से समुद्री मार्ग के जरिए यह खेप ओमान के लिए रवाना होगी।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ कमर्शियल इंटेलिजेंस एंड स्टेटिस्टिक्स के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत से कुल बिस्कुट जैसे उत्पाद का निर्यात लगभग ₹3,642 करोड़ था। इसमें उत्तर प्रदेश का कुल योगदान लगभग ₹33 करोड़ है। भारत से ओमान को कुल बिस्कुट निर्यात लगभग ₹52.33 करोड़, जबकि यूपी से ओमान को वर्तमान निर्यात लगभग ₹0.27 करोड़ है।

बिस्कुट की ये खेप भारत और ओमान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों तथा प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते को प्रदर्शित करेगी। वाराणसी से बिस्कुट की पहली महत्वपूर्ण खेप है, जो भविष्य के लिए नए दरवाजे खोलेगी।

पूर्वांचल के व्यापारियों को होगा फायदा

एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि वाराणसी जैसे लैंडलॉक्ड क्षेत्र से ओमान के लिए निर्यात होना ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो सीईपीए के बाद और आसानी से हासिल हो रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने की इच्छा रखने वाले अन्य स्थानीय निर्यातकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सीबी सिंह ने बताया हम वाराणसी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। इससे पहले यहां से आम, मिर्च, भिंडी जैसे ताजे उत्पाद विदेशों में भेजे जा चुके हैं। पिछले वर्ष शारजाह के बाजार के लिए बिस्कुट निर्यात की शुरुआत हुई थी और अब ओमान के रूप में एक और बड़ा बाजार पूर्वांचल के उद्योगों के लिए खुल गया है।

Updated on:
20 Jun 2026 08:58 pm
Published on:
20 Jun 2026 08:58 pm
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