वाराणसी

यूपी में है बीजेपी की सरकार, सपा इस माह होने वाले चुनाव में कैसे बचायेगी अपनी यह १० सीट

भगवा पार्टी को मिली जीत तो सपा को लगेगा तगड़ा झटका, जानिए क्या है कहानी
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Updated: 7 Dec 2017, 5:41 PM IST
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav
CM Yogi Adityanath and Akhilesh Yadav

वाराणसी. निकाय चुनाव में मिली जीत से उत्साहित बीजेपी ने सपा के एक और झटका देने की तैयारी की है। बीजेपी ने अपनी खास रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। यूपी में बीजेपी की सरकार है इसलिए भगवा पार्टी को इस माह होने वाले चुनाव में लाभ हो सकता है। बीजेपी इन सीटों पर चुनाव जीत जाती है तो सपा के लिए यह तगड़ा झटका होगा।
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बीजेपी ने सपा को बहुत कमजोर कर दिया है। संसदीय चुनाव 2014, यूपी चुनाव व निकाय चुनाव 2017 के बाद सपा के पास अधिक प्रमुख पदों की सीट नहीं बची है। यूपी में इस माह एक और चुनाव होने हैं, जिसकी सीटों पर सबसे अधिक कब्जा सपा नेताओं का है। प्रदेश के 38 जिलों में इसी माह साहकारिता चुनाव होने वाले हैं। हम पूर्वांचलल की १० सीटों की बात करे तो इस पर सपा का कब्जा है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की साहकारिता सीट भी सपा के पास है। इसके अतिरिक्त बलिया, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर, इलाहाबाद साहकारिता की सीट भी सपा के पास है, जिस पर कब्जा करने के लिए बीजेपी ने खास रणनीति बनायी है।
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प्रदेश सरकार होने के चलते बीजेपी को मिल सकता है लाभ
आमतौर पर यह माना जाता है कि प्रदेश में जिसकी सरकार होती है उस पार्टी के प्रत्याशियों को चुनाव जीतने में अधिक दिक्कत नहीं होती है। पिछली बार हुए चुनाव में यूपी में अखिलेश यादव की सरकार थी, जिसके चलते सपा को अधिक सीटों पर विजय मिली थी। इस बार यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार है इसलिए बीजेपी अधिक दमखम के साथ चुनाव में उतरेगी।
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शिवपाल यादव का चला था जादू, अब क्या करेंगे अखिलेश
पिछले साहकारिता के चुनाव में शिवपाल यादव का जादू चला था और सपा ने अपने प्रत्याश्यिों को जीत दिलायी थी। सपा में अब शिवपाल यादव सक्रिय नहीं है, जिसके चलते अखिलेश को ही पार्टी को चुनाव जीताने की रणनीति बनानी होगी। बनारस की बात की जाये तो यहां पर सपा के नेता सक्रिय हो गये हैं अब देखना है कि इस चुनाव में किस दल के हाथ में बाजी लगती है।
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