वाराणसी

पीएम मोदी को सीएम योगी ने दिया बड़ा झटका, किया ऐसा काम कि उठने लगे सवाल

सपा सरकार की राह पर चली बीजेपी, जानिए क्या है कहानी
3 min read
Dec 21, 2017
CM Yogi Adityanath
CM Yogi Adityanath

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम नरेन्द्र मोदी को बड़ा झटका दे दिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के इस निर्णय ने सारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये हैं। गुजरात चुनाव में बीजेपी को किसी तरह जीत मिल गयी है। इसके बाद भी बीजेपी नेताओं की कार्यप्रणाली में परिवर्तन नहीं हुआ है। यूपी में १५ साल बाद सत्ता में आयी बीजेपी ने सपा की राह पकड़ ली है।
यह भी पढ़े:-यूपी के इन सीटें पर होगा उपचुनाव, बीजेपी के दोनों सांसदों के इस्तीफे हुए स्वीकार



सीएम योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंच से कहते हैं कि भूमाफिया व अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, लेकिन जो अधिकारी कार्रवाई करते हैं उन्हें तरीके से किनारे कर दिया जाता है। बीजेपी सरकार पर एक विधायक व भूमफियाओं की लॉबी इतनी भारी हो गयी है कि उसके दबाव में अब निर्णय किये जा रहे हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी ने यूपी चुनाव के समय सुशासन लाने की बात कही थी, जिसको सीएम योगी सरकार ने झटका दे दिया है।
यह भी पढ़े:-मुस्लिम महिलाओं ने कहा कबूल हुई दुआख़्वानी, गुजरात में बीजेपी की जीत पर दी बधाई गाया राष्ट्रगान

भूमाफिया व बिल्डर लॉबी के दबाव में ईमानदार आईएएस को हटाया
पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में ही सीएम योगी सरकार ने ऐसा काम किया है कि सारी सरकार ही सवालों के घेरे में आ गयी है। वीडीए उपाध्यक्ष रहे पुलकित खरे ने शहर में नियमों को दरकिनार करके कॉलोनी बना रहे बिल्डरों पर शिकंजा कसा तो सीएम योगी सरकार बैचेन हो गयी। इसके बाद सपा के पूर्व सांसद के होटल के अतिक्रमण वाले हिस्से पर जब वीडीए वीसी ने बुल्डोजर चलाया तो सीएम योगी सरकार ने युवा आईएएस को ही हटा दिया। ईमानदार आईएएस अधिकारी को सजा देते तो बहुत हंगामा होता इसलिए खास तरीके से पुलकित खरे को वीसी पद से हटा कर हरादोई को जिलाधिकारी बना दिया गया। पुलकित खरे के तबादले की जानकारी मिलते ही बिल्डर लॉबी ने मिठाई बांटी।
यह भी पढ़े:-पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भगवा सेना ने हार के डर से नहीं उतारे प्रत्याशी

IMAGE CREDIT: Patrika

पुलकित खरे ने किये ऐसे काम की वर्षों तक जनता रखेगी याद
युवा आईएएस पुलकित खरे ने वीडीए में पहली बार ऐसा काम किया था कि उन्हें काशी की जनता वर्षो याद रखेगी। रामनगर क्षेत्र में बिना अनुमति के कई एकड़ जमीन पर कालोनी बनायी जा रही थी, जिस पर वीडीए वीसी ने कार्रवाई करते हुए सारी जमीन सीज कर विभाग के जिम्मेदारी जेई व अन्य अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी साथ ही १४बिल्डरों के खिलाफ संबंधित थाने में कानूनी कार्रवाई के लिए तहरीर दी थी। इसके बाद बड़ागांव थाना क्षेत्र में इसी तरह की बन रही कालोनी पर कार्रवाई का चाबुक चलाया था और 108 एकड़ जमीन सीज करने के साथ बिल्डरों पर भी मुकदमे की संस्तुति की थी। इसके अतिरिक्त सपा के वरूणा ग्रीन कॉरीडोर को खाली कराने के लिए सपा के पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल के होटल का एक हिस्से पर बुल्डोजर चला दिया था और अन्य आवासों पर लाल निशाना लगाया था। गंगा किनारे का अतिक्रमण ध्वस्त करने के साथ बड़े अस्पतालों के बेसमेंट में पार्किंग की जगह दूसरे उपयोग होने पर कार्रवाई की थी। विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए सभी नोटिस को वीडीए के पोर्टल व्योम पर अपलोड करने के साथ सारे अधिकारी व कर्मचारियों की सम्पत्ति को ऑनलाइन कर दिया था और कहा था कि गलत ढंग से कमाये पैसे की सम्पत्ति की जानकारी मिली तो विजलेंस जांच करायेंगे। चौपाल लगा कर मकान का नक्शा पास कराने व नक्शे की सारी प्रक्रिया को ऑनलाइन करके भ्रष्टाचार पर बड़ी चोट कि थी इसके बाद भी सीएम योगी सरकार ने वीडीए वीसी से हटा कर हरदोई का डीएम बना दिया, जिससे बिल्डर व वरूणा कॉरीडोर के किनारे के अतिक्रमण हटाने वाली कार्रवाई रुक जाये।
यह भी पढ़े:-सीएम योगी के अभियान को रोकने के लिए बीजेपी विधायक ने तैयार किया चक्रव्यूह

Published on:
21 Dec 2017 12:40 pm