देव दीपावली (Dev Deepawali) के समय से वाराणसी में सीएनजी नाव शुरू हो जाएगी। पहले फेज में 50 नाव सीएनजी से लैस होकर चलेंगी और इन नाव की सामान्य चाल 10 किमी प्रति घंटे की होगी।
वाराणसी. प्रदेश सरकार काशीवासियों को जल्द ही सीएनजी नावों का तोहफा देगी। काशी को प्रदूषण मुक्त व पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की दिशा में यह फैसला लिया गया है। देव दीपावली (Dev Deepawali) के समय से वाराणसी में सीएनजी नाव शुरू हो जाएगी। पहले फेज में 50 नाव सीएनजी से लैस होकर चलेंगी और इन नाव की सामान्य चाल 10 किमी प्रति घंटे की होगी। वाराणसी प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां सीएनजी से नाव का संचालन होगा।
दो लाख तक आएगा खर्च
सीएनजी में तब्दील एक नाव का केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने ट्रायल के तौर पर शनिवार को शुभारंभ भी किया। गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए छोटी-बड़ी लगभग 2000 नाव को सीएनजी में बदला जाना है। गंगा में सीएनजी नाव का ट्रायल रन होने के बाद गेल व नगर निगम के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों को और धार देना शुरू कर दिया है। गेल अधिकारियों के अनुसार, गेल और नगर निगम के बीच नाव को सीएनजी में बदलने के लिए सीएसआर फंड के माध्यम से 29.7 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने को समझौता हुआ है। यह धन गेल, नगर निगम को उपलब्ध कराएगा। छोटी नाव पर करीब 60 से 70 हजार की लागत आएगी और बड़ी नाव और बजरे पर लगभग दो लाख का खर्च आएगा।