
Dev Dipawali in Kashi: काशी में मनाए जाने वाली देव दीपावली में करीब डेढ़ महीने से ज्यादा का वक्त अभी बचा हुआ है, लेकिन गंगा नदी में वोट पर सवार होकर दीपोत्सव को देखने के लिए पर्यटक अभी से व्याकुल हैं। आलम यह है कि क्रूज और नावों की बुकिंग अभी से ही शुरू हो चुकी है। प्रमुख क्रूज में शामिल अलकनंदा और सैम मानिकशॉ को विदेशी पर्यटकों ने बुक कर लिया है। यही नहीं इन बोर्ड्स की और क्रूज की बुकिंग के लिए पर्यटक मोटा पैसा भी खर्च कर रहे हैं। 60 सीटों वाले अलकनंदा क्रूज को विदेशी पर्यटकों ने 5 लाख रुपए देकर बुक किया है। वहीं, 100 सीटों वाले सैम मानिकशॉ की बुकिंग 15 लाख रुपए में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सैम मानिकशॉ में एक साथ 100 यात्री बैठकर गंगा में विचरण कर सकते हैं। प्रति यात्री 15 हजार रुपए इसका किराया निर्धारित किया गया है। बोट्स और क्रूज की बुकिंग को ध्यान में रखते हुए यह समझ में आ रहा है कि देव दीपावली की छटा को देखने के लिए पर्यटक कितने व्याकुल हैं। वहीं, अब क्रूज की बुकिंग पूरी हो चुकी है। अब नव और बजरो का ही विकल्प बचा है। काशी की देव दीपावली को देखने के लिए देश और विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं।
लाखों की संख्या में देशी और विदेशी पर्यटक देव दीपावली देखने के लिए वाराणसी आते हैं। ऐसे में क्रूज और नाव की बुकिंग पहले से ही शुरू हो जाती है। इस बार की देव दीपावली 24 नवंबर को पड़ेगी। बजड़े और क्रूज की भारी डिमांड को देखते हुए यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन बोट्स की डिमांड काफी ज्यादा बढ़ी हुई है। पर्यटक महंगी बुकिंग होने के बावजूद भी गंगा नदी में देव दीपावली का नजारा देखने का मौका नहीं छोड़ना चाहते।
विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए यह आयोजन काशी और भारत की संस्कृति व परंपरा की भव्यता को करीब से देखने का खास अवसर होता है। इन क्रूज पर अधिकतम 4 घंटे विदेशी मेहमान बिताएंगे। शाम 5:30 बजे से रात 9:30 तक क्रम यात्रियों को गंगा नदी में देव दीपावली का नजारा दिखाया जाएगा। अलकनंदा क्रूज लाइन लिमिटेड के निदेशक विकास मालवीय ने बताया कि अलकनंदा और सैम मानिकशॉ की बुकिंग फुल हो चुकी है। विवेकानंद और भागीरथी क्रूज वीवीआईपी के लिए रिजर्व किए गए हैं। गंगोत्री में ठहरने की व्यवस्था के अनुसार बुकिंग की गई है। फिलहाल अब कोई सीट नहीं बची है।
क्रूज की बुकिंग पूरी होने के बाद अब पर्यटकों के पास केवल नाव का ही विकल्प बचा हुआ है। देव दीपावली में अभी लंबा समय है, बावजूद इसके बड़े बजड़ों की बुकिंग शुरू हो चुकी है। नाविक समाज के शंभू निषाद ने बताया कि करीब 10 प्रतिशत बजड़े 15 हजार से 2 लाख तक की कीमत पर बुक किया जा चुके हैं। कुछ इवेंट कंपनियों ने 5 हजार रुपए प्रति व्यक्ति की दर से और कुछ ने एक लाख रुपए में पूरी नाव ही बुक कर ली है। ऐसे में नविको को काफी ज्यादा फायदा हुआ है।