वाराणसी

फिर गरमाई धनंजय सिंह और अभय सिंह की लड़ाई, गोलियों की गूंज पहुंची कोर्ट, ‘बहुबली’ ने लगाए गंभीर आरोप

धनंजय सिंह पर 2002 में हुए हमले के मामले में वाराणसी कोर्ट में सुनवाई तेज हो गई है। मुख्य आरोपी अभय सिंह का बयान दर्ज हो चुका है।
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Apr 08, 2026
24 साल पुराना शूटआउट केस फिर गरमाया
24 साल पुराना शूटआउट केस फिर गरमाया

UP Politics: वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट में मंगलवार को पूर्व सांसद धनंजय सिंह पर हुए हमले के पुराने मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान धनंजय सिंह खुद कोर्ट में मौजूद रहे। मुख्य आरोपी सपा के बागी विधायक अभय सिंह का बयान पहले ही दर्ज हो चुका है। यह मामला 24 साल पुराना है और अब ट्रायल तेजी से चल रहा है। वहीं आज इस मामले की फिर सुनवाई होगी।

हमले की घटना क्या थी?

साल 2002 में धनंजय सिंह पर जानलेवा हमला हुआ था। उस समय वे जौनपुर से विधायक थे। वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र में नदेसर इलाके के टकसाल सिनेमा के पास यह घटना हुई। आरोप है कि अभय सिंह और उनके चार-पांच साथियों ने बोलेरो गाड़ी से उतरकर धनंजय सिंह, उनके गनर और ड्राइवर पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले में धनंजय सिंह समेत उनके चार साथी घायल हो गए थे। इस मामले में मुख्य आरोपी सपा बागी विधायक अभय सिंह हैं। इसके अलावा एमएलसी विनीत सिंह समेत कुल सात लोगों के नाम शामिल हैं।

धनंजय सिंह ने क्या कहा?

कोर्ट से बाहर निकलते समय धनंजय सिंह ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि अभय सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर गोली चलवाई थी। वे याद दिलाते हैं कि 1996 में हेमंत सिंह की हत्या के मामले में अभय सिंह मुख्य अभियुक्त था और धनंजय सिंह उसमें सह-अभियुक्त थे। जब अभय सिंह के नाना से मदद मांगने वाले बयान पर सवाल किया गया, तो धनंजय सिंह ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अभय सिंह खुद 54 महीने जेल में बंद रहे। उनके नाना उन्हें तो छुड़ा नहीं पाए। फिर मेरी मदद क्या करेंगे? धनंजय सिंह ने कोर्ट पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज बहस पूरी हो जाएगी।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला काफी पुराना है। 4 अक्टूबर 2002 को धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ सफारी गाड़ी में जौनपुर जा रहे थे। उसी दौरान नदेसर में हमला हुआ। धनंजय सिंह ने भी जवाबी फायरिंग की थी। पुलिस ने मामले की जांच की और कई लोगों पर आरोप लगाए। अब 24 साल बाद कोर्ट में सुनवाई तेज हो गई है। धनंजय सिंह ने कोर्ट में गवाहों और सबूतों पर भी सवाल उठाए हैं। वे चाहते हैं कि सही न्याय हो।

क्या होगा आगे?

आज एमपी-एमएलए कोर्ट में फिर सुनवाई होगी। दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट फैसला सुनाएगा या अगली तारीख देगा। यह मामला पूर्वांचल की राजनीति में पुरानी दुश्मनी को दर्शाता है। धनंजय सिंह और अभय सिंह के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। धनंजय सिंह कहते हैं कि उन्हें कोर्ट पर भरोसा है और सच्चाई सामने आएगी।

Updated on:
08 Apr 2026 10:40 am
Published on:
08 Apr 2026 10:40 am
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