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सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में मारे गए अभिषेक का मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार, पिता ने दी मुखाग्नि, बीकॉम करने गया था दिल्ली

Delhi Building Collapsed News: दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विधि विधान से संपन्न हुआ..
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वाराणसी

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Vijendra Mishra

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Updated: 8 Sep 2026, 1:37 PM IST

Varanasi news

घाट पर पहुंचे परिजन, (Pc-IANS)

Delhi Building Collapsed: दिल्ली में सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में जान गंवाने वाले अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर विधि विधान से संपन्न हुआ। अभिषेक उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का रहने वाला था और बीकॉम द्वितीय वर्ष में पढ़ाई कर रहा था। पिछले साल ही वह पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली गया था और सत्य निकेतन बिल्डिंग में किराए पर रह रहा था। पिता ने बताया कि वह परिवार के सपनों को पूरा करने के लिए दिल्ली गया था लेकिन फिर लौटकर नहीं आया।

5 सितंबर को हुई थी बात

सत्य निकेतन हादसे में जान गवाने वाले चंदौली के अभिषेक कुमार का अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर संपन्न हो गया है। अभिषेक के पिता संतोष कुमार खरवार ने बेटे को मुखाग्नि दी। उन्होंने बताया कि हादसे के दौरान अभिषेक बिल्डिंग में ही मौजूद था। बता दें कि इस हादसे में कुल सात लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से पांच छात्र थे और पढ़ाई के लिए दिल्ली गए हुए थे। अभिषेक की मौत के बाद चंदौली स्थित उसके गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं, अंतिम संस्कार के दौरान परिवार व गांव के लोग मणिकर्णिका घाट पर मौजूद रहे।

बेटे को मुखाग्नि देकर भावुक हुए पिता ने बताया कि अभिषेक पढ़ाई में होनहार था और वह एमबीए करना चाहता था। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को अभिषेक से फोन पर उनकी बात हुई थी और हॉस्टल की फीस भी उन्होंने भरी थी, लेकिन 6 सितंबर को अभिषेक से बात नहीं हो पाई। उन्होंने बताया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को 11 महीने की फीस भरनी पड़ती है, इस वजह से मजबूरी में उन्हें वहां रहना पड़ता है। पिता संतोष ने इस हादसे का दोषी बिल्डिंग के मालिक को बताया है। उन्होंने कहा कि यदि वहां मरम्मत का कार्य चल रहा था तो मकान मालिक ने छात्रों को कहीं और शिफ्ट क्यों नहीं किया। उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मांग की है कि ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

मां का रो-रोकर बुरा हाल

अभिषेक की मां इस हादसे के बाद बोलने की स्थिति में नहीं हैं और वह लगातार रो रही हैं। वहीं, परिवार के अन्य सदस्य व रिश्तेदार भी भावुक नजर आए। परिजनों ने इस हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात कही है। अभिषेक की असामयिक मौत के कारण परिजनों को गहरा आघात पहुंचा है। पिता द्वारा मुखाग्निक दिए जाने के दौरान वह रोते नजर आए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें संभाला।

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