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एक बार फिर से काशी वासियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, केंद्रीय जल आयोग ने किया सतर्क, गंगा नदी का जलस्तर खतरे की सीमा को कर सकता है पार

Ganga water Level will increase: काशी के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ सकती हैं। गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद एक बार फिर से नदी का जलस्तर बढ़ सकता है।
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Varanasi news

घटने लगा गंगा का जलस्तर (Pc-IANS)

Ganga water Level: काशी के लोगों की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ सकती हैं। गंगा नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद एक बार फिर से नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। हालांकि, नदी का जलस्तर इस वक्त चेतावनी बिंदु से नीचे आ चुका है, लेकिन केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा नदी में बुधवार से फिर से बढ़ोतरी होगी। आयोग ने अनुमान लगाया है कि गंगा नदी का जलस्तर इस दौरान खतरे की सीमा को पार कर सकता है, जिससे बाढ़ से प्रभावित इलाकों में एक बार फिर से मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

अगले 7 दिन में बढेगा जलस्तर

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में अगले 7 दिनों तक गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार से गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगेगा। हालांकि, केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों की माने तो मंगलवार सुबह 8 बजे तक गंगा नदी के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से कमी आ रही है और वर्तमान में जलस्तर 69.32 मीटर पर बना हुआ है। वहीं, अनुमान लगाया गया है कि अगले 7 दिनों में 1.76 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इसके बाद गंगा नदी का जलस्तर 71.28 मीटर तक पहुंच सकता है जो खतरे के निशान 71.262 मीटर से ऊपर है।

केंद्रीय जल आयोग ने अनुमान जताया है कि गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 12 सितंबर तक 71 मीटर के आसपास पहुंच सकता है। वहीं, 14 सितंबर तक जलस्तर 17.2 मीटर के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है। बता दे कि वाराणसी में गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर निश्चित है, लेकिन अनुमान के मुताबिक, यह इस आंकड़े को पार करके खतरे के स्तर या उससे भी ऊपर तक पहुंच सकता है। इस दौरान बताया जा रहा है कि गंगा नदी का अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर से काफी नीचे रहेगा।

वरुणा के तटवर्ती इलाके अभी भी जलमग्न

वहीं, दूसरी तरफ वरुणा नदी ने भी अपना कहर बारपाया है। तटवर्ती इलाकों में अभी भी सैकड़ो मकान बाढ़ की जद में हैं और दर्जनों परिवार अपना घर छोड़कर राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं। पुराना पुल, नक्खी घाट व सलारपुर इत्यादि इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। यहां के लोग अपने मकान की छतों और राहत शिविरों में गुजारा कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी भी इन इलाकों में बाढ़ का पानी बढ़ने के आसार हैं। बीते कुछ दिनों से गंगा नदी के जलस्तर में कमी देखी जा रही है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब केंद्रीय जल आयोग के आंकड़े डराने वाले हैं।

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