9 सितंबर 2026,

बुधवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘देश में 2014 से पहले ऐसे कदम क्यों नहीं उठाए गए’, राष्ट्रीय पोषण माह का उद्घाटन करते हुए सीएम ने विपक्ष पर साधा निशाना

Nutrition campaign launched from Varanasi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ हो गया...
3 min read
Google source verification
Anganbadi Center news

बच्चे को दुलार करते सीएम योगी, (Pc-Yogi Adityanath Youtube)

Nutrition Campaign News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से 9वें राष्ट्रीय पोषण माह 2026 का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने इसका उद्घाटन किया। वहीं, मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचे राधा और कृष्ण के वेशभूषा में बच्चों को गोद में उठाकर दुलार किया और उन्हें खीर खिलाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खिलौने भी भेंट किए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने नवजात बच्चों का अन्नप्राशन भी किया। वहीं, मंच से संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पक्ष पर कई सवाल खड़े किए हैं।

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में राष्ट्रीय पोषण महाद्वार 2026 के शुभारंभ के बाद आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए काउंटर पर भी मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उनके कार्यों को लेकर उनसे बातचीत की। वहीं, स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बनाए गए उत्पादों की जानकारी भी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपोषित उत्तर प्रदेश का संकल्प इस अभियान के तहत और भी सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं, बच्चों, किशोर और किशोरियों एवं उनके परिवार के बेहतर पोषण व स्वस्थ देखभाल को समर्पित 9वें राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ प्रेरणादाई है।

कार्यकर्ताओं से किया संवाद

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने वहां मौजूद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से वार्ता की और उनसे जानकारियां लीं। इस दौरान मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबा विश्वनाथ की नगरी और मां अन्नपूर्णा की नगरी काशी से इस कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है तो इसका सफल होना लाजमी है। उन्होंने कहा कि जहां कोई गरीब ना हो, भूख ना हो और स्वस्थ हो इसी को राम राज्य कहा जाता है। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले घोषणाएं बड़ी-बड़ी की जाती थी, लेकिन शासन ने कभी इस तरह के कार्यक्रम चलाने की जहमत नहीं उठाई। उसे समय सरकार में शामिल लोग गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरों के बारे में क्यों नहीं सोचते थे, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 के बाद से भारत के विकास के लिए कई योजनाएं लाईं, यह योजना भी उसी की एक सौगात है। यह वही विजन है जो 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देखा था। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर हालत में थे, गंदगी थी और कोई व्यवस्था नहीं थी। किसी भी तरह से मदद आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी। 2017 से पहले एक शराब माफिया यहां मिलने वाले भोजन को डकार जाता था, लखनऊ में बैठे लोग गलती करते थे और बात सुनना पड़ता था आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को। सही मायने में देखा जाए तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ठीक से मानदेय तक नहीं मिलता था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि आंगनबाड़ी देखने लायक हुआ है और यह एक मॉडल के रूप में निखरकर सामने आया है और आंगनबाड़ी कैसे होना चाहिए उसकी तस्वीर भी निकलकर अब सामने आ रही है। आज के समय में आंगनबाड़ी में गर्म भोजन के साथ ही पाठ्य सामग्री की उपलब्ध है और इन कार्यों को वहां की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता स्वयं से संचालित करती हैं। उनके पास स्मार्टफोन है और वह इसका सहारा लेती है। उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी में मिलने वाली प्रत्येक चीजों की क्वालिटी को लेकर संस्था निर्धारित की गई है। वहीं संस्था इसकी क्वालिटी पर नजर रखती है।

बढ़ाया गया मानदेय

सीएम ने कहा कि बीजेपी की सरकार ने पिछले 9 वर्षों में 70 हजार से अधिक आंगनबाड़ी को नया स्वरूप दिया है। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान भी किया गया है। यूपी में 2017 से पहले इसके लिए ढंग का बजट भी जारी नहीं किया जाता था। आज के समय में आंगनबाड़ी में बच्चों के बैठने के लिए, खेलने के लिए, शुद्ध पेयजल के लिए और शौचालय के लिए उचित व्यवस्था की गई है। आंगनबाड़ी केंद्र पोषण और शिक्षा की आधारशिला बन सकती थी, लेकिन 2014 से पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी, लेकिन आज के समय में यह संभव हो पाया है। 2017 से पहले यूपी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 3 हजार रुपए मानदेय मिलते थे, लेकिन अब सरकार नहीं से बढ़कर 12 हजार रुपए कर दिया है।

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग