काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर विवादः ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के अंतिम हिंदू पक्ष के दावे के अनुसार जो शिवलिंग मिला है उसे सील किए जाने के कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई है। ये याचिका जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल जज सीनियर डीविजन की अदालत में दायर की है। इसके तहत प्रार्थना पत्र देकर सील क्षेत्र से कुछ छूट की मांग की गई है।

वाराणसी. काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर विवादः ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के अंतिम हिंदू पक्ष के दावे के अनुसार जो शिवलिंग मिला है उसे सील किए जाने के कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने सिविल जज (सीनियर डीविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर सील क्षेत्र से कुछ छूट की मांग की है।
इन बिंदुओं पर मांगी है छूट
जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र प्रसाद पांडेय ने तीन बिंदुओं पर छूट की मांग की है, ये तीन बिंदु इस प्रकार हैं...
- वजूखाना बंद होने के बाद नमाजियों की समस्या का ध्यान रखा जाए, अथवा कोर्ट कमिश्नर नियुक्त कर उनकी रिपोर्ट के आधार पर निर्देश-आदेश जारी करें।
-वजूखाना के सील होने के कारण उसमें लगे नल और पानी की पाइप लाइन को अलग किया जाय।
-तालाब में काफी मछलियां हैं। सील होने के बाद से उनके जीवन पर खतरा आ गया है। इसलिए इन्हें स्थानांतरित किया जाए।
अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी अवगत कराया कि सील परिसर में कुछ शौचालय हैं, जिनका प्रयोग नमाजी करते हैं। उनकी कोई अन्य एंट्री नहीं है। इसकी व्यवस्था की जाए।