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Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी परिसर में जहां मिला शिवलिंग उसे अदालत ने तत्काल सील करने का दिया आदेश, जानें क्या कहा DM ने

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर विवाद के तहत कोर्ट के आदेश पर कराए गए सर्वे के अंतिम दिन कार्यवाही के दौरान तहखाने के तालाब में शिवलिंग मिला। इसके बाद इस प्रकरण में सोमवार को ही अदालत में जहां शिवलिंग मिला उस स्थान को सील करने की मांग वाली याचिका दायर की गई। इस पर कोर्ट ने कलेक्टर वाराणसी को उस स्थान को सील करने का आदेश जारी कर दिया।
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वाराणसी

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Ajay Chaturvedi

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Updated: 16 May 2022, 1:40 PM IST

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर

काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर

वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर विवाद के तहत सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर के आदेश पर पांच दिनों तक चली सर्वे की कार्यवाही के अंतिम दिन सोमवार को मस्जिद परिसर में शिवलिंग मिला। इसके बाद इस प्रकरण में सोमवार को ही अदालत में शिवलिंग वाले स्थान को सील करने की मांग वाली याचिका दायर की गई। इस पर कोर्ट ने कलेक्टर वाराणसी को तालाब सील करने का आदेश जारी कर दिया।

बता दें कि सर्व से बाहर निकलने के बाद शृंगार गौरी प्रकरण की पांचों वादिनी के पैरोकार सोहनलाल आर्य ने कहा कि 'नंदी जिसका इंतजार कर रहे थे वो बाबा मिल गए।' उन्‍होंने तालाब की ओर इशारा करते हुए कहा कि दोहे के जरिए कहा, "जिन खोजा तिन पाइयां। तो समझिए, जो कुछ खोजा जा रहा था, उससे कहीं अधिक मिला है।" डॉ. सोहनलाल शृंगार गौरी प्रकरण की पांचों वादिनी के पैरोकार हैं।

वादी पक्ष के अधिवक्ता हरिशंकर जैन के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने उक्त स्थान को सील करने का आदेश जारी क़िया। पीठासीन अधिकारी रवि कुमार द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, शिवलिंग मस्जिद परिसर में पाया गया है। यह बहुत ही महत्वपूर्ण साक्ष्य है। सीआरपीएफ कमांडेंट को आदेशित किया कि वह उक्त स्थान को सील कर दे।

ये भी पढें- विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी परिसर विवादः मस्जिद का सर्वे पूरा, तहखाने के तालाब में शिवलिंग होने का दावा, सर्वे लीक करने के आरोप में हटाए गए आरपी सिंह

वहीं जिलाधिकारी को आदेशित किया कि मस्जिद में मुसलमानों का प्रवेश वर्जित कर दें। मात्र 20 मुसलमानों को नमाज अदा करने की इजाजत दें।

वहीं, सर्वे करके बाहर निकले वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने दावा किया कि हम जिस चीज के लिए सर्वे की मांग कर रहे थे वह 100 प्रतिशत बल्कि उससे ज्यादा हमें मिल गया है। वादी पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि शायद हमारा सौभाग्य है कि हम ऐसे इंसान है जिन्होंने 1669 के बाद पहली बार दर्शन किये हैं। बता दें कि सर्वे की रिपोर्ट, कोर्ट कमिश्नर को 17 मई को अदालत में पेश करनी है।

सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि काशी के लिए आज का दिन स्वर्णिम इतिहास बनकर सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। हम लोग सौभाग्यशाली इंसान कह लीजिये या अधिवक्ता जो हम लोगों को 1969 के बाद दर्शन के सौभाग्य प्राप्त हुए हैं। वहीं नंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि नंदी महादेव की तरफ ही मुँह करके रहती हैं और उन्होंने ही यह आभास कराया कि बाबा विश्वनाथ कहां हैं।

बताया कि आज किसी भी प्रकार का कोई मलबा नहीं हटाया गया यह कोरी अफवाह है। आज सिर्फ तालाब जिसमे नमाज के पहले वजू करते हैं उसे खाली करवाया गया और उसका कोर्ट कमिश्नर द्वारा सर्वे किया गया और फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गयी है।

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