वाराणसी

Varanasi News: चार साल की बच्ची की तड़प-तड़पकर मौत, 400 किलो के गेट के नीचे दबी, मांगती रही मदद

Varanasi News: मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि गनीमत रही कि गेट बाहर की ओर गिरा। यदि चाहरदीवारी के अंदर गेट गिरता तो फिर पांच बच्चे भी उसमें दब जाते।

less than 1 minute read
Mar 06, 2024
varanasi news

Varanasi News: वाराणसी में चार क्विंटल का लोहे का गेट गिरने से चार साल की बच्ची की दबकर मौत हो गई। परिजनों ने शव को नदी में प्रवाहित कर दिया। पुलिस ने छानबीन कर परिजनों से घटना की जानकारी ली। यह मामला सारनाथ थाना क्षेत्र के अटल नगर कॉलोनी का है।

दरसअल, मिर्जापुर निवासी आशीष तिवारी गाजीपुर में हेड कांस्टेबल हैं। तीन दशक से आशीष सारनाथ थाना क्षेत्र के मवईया स्थित अटल नगर कॉलोनी में सपरिवार रहते हैं। आशीष के मकान के सामने राजेंद्र सिंह के मकान में 5 मार्च काे दोपहर 12 बजे उनके तीन पोते खेल रहे थे। यह देख आशीष तिवारी का बेटा लक्ष्क्षु और बड़े भाई मनीष कुमार का पुत्र 6 वर्षीय लड्डू भी खेलने पहुंच गया।


भाइयों को खेलता देख आशीष की चार साल की बेटी गुड्डन भी हाथ में किताब लेकर दौड़ते हुए राजेंद्र सिंह के गेट के पास पहुंची। इसी दौरान चार क्विंटल का स्लाइडर वाला लोहे का गेट तेज आवाज के साथ गुड्डन के ऊपर गिर गया। आसपास के लोगों ने किसी तरह उसे बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डाॅक्टराें ने उसे मृत घोषित कर दिया। छुट्टी पर घर आए पिता आशीष तिवारी और मां प्रीति बेसुध हो गईं।

यह भी पढ़ें: लखनऊ में बड़ा हादसा, शादी की सालगिरह पर फटा सिलेंडर, 5 की मौत


मां अपनी बिटिया के शव से लिपट कर रो रही थी। गुड्डन के दादा कैलाश नाथ तिवारी रिटायर्ड उप निरीक्षक हैं, उन्हें भी संभालना मुश्किल हो रहा था। मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि गनीमत रही कि गेट बाहर की ओर गिरा। यदि चाहरदीवारी के अंदर गेट गिरता तो फिर पांच बच्चे भी उसमें दब जाते। गुड्डन जब घर से निकली तो उसके हाथ में किताबें थीं। गेट के साथ बच्ची दवी और पूरा किताब खून से लथपथ हो गया।

Updated on:
06 Mar 2024 09:59 am
Published on:
06 Mar 2024 09:56 am
Also Read
View All