
Ganj shahida mosque demolition notice:वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के पास स्थित गंज शहिदा मस्जिद को लेकर रेलवे प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद जमकर राजनीति हो रही है। एक तरफ पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मस्जिद को लेकर एक पर पोस्ट किया है, तो दूसरी तरफ मस्जिद कमेटी और समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने उन्हें अपना काम देखने की नसीहत दी है। सपा सांसद ने कहा है कि भारत के मुसलमान सक्षम हैं और ऐसे मामले में पाकिस्तान को दखल देने की जरूरत नहीं है।
दरअसल, काशी रेलवे स्टेशन को मॉडल रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किया जाना है। इसको लेकर रेल प्रशासन ने गंज शहिदा मस्जिद को 20 जून तक खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारतीय हुकूमत से इसे रोकने के लिए X पर पोस्ट किया था। अब उनके पोस्ट के जवाब में समाजवादी पार्टी से सांसद अफजाल अंसारी ने भी प्रतिक्रिया दी है।
अफजाल अंसारी ने कहा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति अपने यहां के मुसलमान के बारे में चिंता करें। उन्होंने कहा कि भारत के मुसलमान की चिंता करने की जरूरत पाकिस्तान को नहीं है। ना ही भारत के मामले में पाकिस्तान को नसीहत देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत में एक किताब है जिसे संविधान की किताब कहा जाता है। उस संविधान में हर धर्म और हर वर्ग के लोगों के लिए अधिकार दिए गए हैं। भारत के मुसलमान इतने सक्षम है कि वे अपने मामले को खुद से निपटा लेंगे। ऐसे में उन्हें किसी बाहरी देश से मदद की जरूरत नहीं है।
सपा सांसद ने कहा है कि भारत के मुसलमान की स्थिति पाकिस्तान के मुसलमान से कहीं ज्यादा बेहतर है। भारत में संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका है। ऐसे में भारत के मुसलमान अपने सभी समस्या का समाधान संविधान के हिसाब से कर लेंगे। अफजाल ने कहा कि पाकिस्तान बेवजह की दखलअंदाजी ना करें। भारत में हिंदू और मुस्लिम दोनों एक साथ मिलकर रहते हैं। अल्पसंख्यक होने के बावजूद भी मुसलमान को किसी तरह की परेशानी नहीं होती। वहीं, पाकिस्तान की स्थिति बद से बदतर हो चुकी है। वहां, हिंदू अल्पसंख्यक हैं और हिंदुओं का पाकिस्तान में शोषण किया जाता है। भारत के मुसलमान अपने धर्म और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कानून के सहारे करेंगे। पाकिस्तान के राष्ट्रपति को भारत के आंतरिक मामलों में कमेंट करने का कोई अधिकार नहीं है।
दरअसल, पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने पोस्ट करते हुए लिखा था कि भारत में ऐतिहासिक मुस्लिम धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया जा रहा है और 1000 साल पुरानी गंज शहिदा मस्जिद को भी गिराए जाने को लेकर वाराणसी जिला प्रशासन ने धमकी दी है। इस मामले में भारत सरकार को कार्रवाई की अपील करते हुए आसिफ अली जरदारी ने इसे रोकने के लिए कहा था। उन्होने कहा था कि भारत में इससे अराजकता फैल सकती है। उनके पोस्ट के बाद मस्जिद कमेटी ने भी उन्हें भारत में दखल ना देने की अपील की थी।
बता दें कि काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से लैस करके एक मॉडल स्टेशन के रूप में तैयार किया जाना है। यहां एक ही स्थान से बस, ट्रेन और हेलीकॉप्टर की सुविधा मिलेगी, जिसको लेकर गंज शहिदा मस्जिद को खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। वहीं, इस मामले में मसाजिद कमेटी ने दलील दी है की मस्जिद 1000 साल पुरानी है और इसकी नीव 1034 ईस्वी में रखी गई थी, जबकि काशी रेलवे स्टेशन का निर्माण 1887 में हुआ था। ऐसे में यह रेलवे की जमीन कैसे हो सकती है।