वाराणसी मंडल से होगी गो पालक प्रशिक्षण की शुरूआत, गोबर व गोमूत्र बेच कर बढ़ायी जायेगी आमदानी
वाराणसी. प्रदेश गौ सेवा आयोग प्रो.श्याम नंदन सिंह ने बुधवार को सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत में कहा कि वाराणसी मंडल के चार जिलों में 110 गो आश्रय स्थल बनाये गये हैं, जहां पर 10129 गोवंश रखे गये हैं। मुख्यमंत्री गोवंश सहभागिता योजना के तहत 368 पशुपालक परिवारों को 1114 गोवंश प्रदान किये गये हैं। गौ आश्रय स्थलों की आमदानी बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। गोबर व गोमूत्र को औषधि बनाने वाली कंपनियों को बेच कर आय बढ़ायी जायेगी।
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उन्होंने कहा कि सभी विभागों के आपसी समन्वय से गौ आश्रय केन्द्र चलाये जा रहे हैं। ठंड को देखते हुए गौ आश्रय केन्द्रों पर समुचित व्यवस्था करने को कहा गया है। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि बनारस के गौ आश्रय केन्द्रों पर गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्दे लगाये गये हैं। ठंड बढऩे पर और तैयारी की गयी है। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदानी बढ़ाने के लिए भी गौ सेवा आयोग जुटा हुआ है। किसानों से थोड़ी जमीन पर औषधि वाले पौधे लगा कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को ट्रेनिंग देने के लिए अगले साल मंडल स्तर पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में आय बढ़ा चुके किसानों को भी बुलाया जायेगा। इसके अतिरिक्त गोवंश पालन को लाभकारी बनाने की भी ट्रेनिंग दी जायेगी। गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष प्रो.श्याम नंदन सिंह ने कहा कि सामाजिक सहयोग से ही गो आश्रय केन्द्रों पर सारी व्यवस्था की जायेगी। सामाजिक सहयोग से अभी तक ९ लाख रुपये का दान मिल चुका है। किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्हें बताया जायेगा कि किस तरह से जैविक खेती करके गुणवत्तापूर्ण फसल उगायी जा सकती है। जैविक खेती को बढ़ावा मिलने से गोबर व गोमूत्र की खपत भी बढ़ेगी। इस अवसर पर गो सेवा आयोग के सचिव डा.भागीरथ वर्मा, कमिश्रर दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा आदि अधिकारी उपस्थित थे।
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