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वाराणसी: जनपद के एक पुलिसकर्मी पर बाइक चोरी कर उसे आजमगढ़ में अपने भाई को बेचे जाने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि बाइक 10 साल पहले चोरी हो गई थी, जिसके संबंध में मलिक ने सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, मलिक को ट्रैफिक विभाग द्वारा एक एसएमएस प्राप्त हुआ, जिससे जानकारी हुई कि उसकी बाइक का आजमगढ़ में चालान हुआ है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के बराई के रहने वाले वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी ग्लैमर बाइक दिनांक 8.7.2016 को सारनाथ थाना क्षेत्र के आशापुर इलाके से चोरी हो गई थी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सारनाथ थाने पर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने मामले में बाइक चोरी का मुकदमा दर्ज किया। वहीं, काफी खोज दिन के बाद भी उनकी बाइक का कुछ आता पता नहीं चल सका।
पीड़ित ने बताया कि मामले में सारनाथ पुलिस द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगाकर फाइल को बंद कर दिया गया और उनकी बाइक बरामद नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि 2 मई 2026 को उनके मोबाइल पर एक एसएमएस प्राप्त हुआ, जिसमें उनके बाइक से संबंधित जानकारी थी। यह देख बाइक मलिक के होश उड़ गए। बाइक मलिक ने बताया कि आजमगढ़ ट्रैफिक पुलिस द्वारा उनकी बाइक का चालान किया गया था और जब उन्होंने दिए गए लिंक पर क्लिक किया तो उनकी बाइक की फोटो भी सामने दिखने लगी।
पीड़ित ने बताया कि हेलमेट न होने के कारण बाइक का चालान किया गया था और इस संबंध में वह आजमगढ़ पहुंचे और एसपी से इस मामले में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस की एक टीम उस शख्स के घर पहुंची, जिसका चालान किया गया था। उन्होंने बताया कि शख्स का नाम जियालाल यादव है और जियालाल ने बताया कि उसका भाई छोटेलाल यादव वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस में डीसीपी ऑफिस में कार्यरत है और उसने ही यह बाइक उसे बची थी।
पीड़ित ने बताया कि आजमगढ़ पुलिस ने उनसे कहा कि मामला सारनाथ थाने में दर्ज है, इसीलिए पीड़ित को सारनाथ थाने से ही संपर्क करना होगा और वहीं से आगे की कार्रवाई होगी। पीड़ित ने बताया कि आजमगढ़ पुलिस ने जियालाल यादव को हिदायत दी कि यदि पुलिस उसे बाइक लेकर आने को कहेगी, तो उसे पुलिस को सपोर्ट करना पड़ेगा। इसके बाद पीड़ित वाराणसी पहुंचे और उन्होंने पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
पीड़ित ने पुलिस कमिश्नर से निवेदन किया है कि बाइक चोरी के इस मामले में जियालाल और उसके भाई दीवार छोटे लाल यादव का नाम एफआईआर में दर्ज करते हुए उनकी बाइक वापस दिलाने की कृपा करें। बताया जा रहा है कि दीवान छोटे लाल यादव एडीसीपी वरुण के कार्यालय में पेशकार के पद पर कार्यरत है। वहीं, फिलहाल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले में संज्ञान लिया है और कार्रवाई की बात कही है।
Updated on:
16 May 2026, 6:51 PM IST
Published on:
16 May 2026, 6:51 PM IST
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