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काशी में गंगा नदी में इफ्तार पार्टी करने वाले 8 आरोपियों को HC से कैसे मिली जमानत, जानें क्या दी गई दलील

वाराणसी में गंगा नदी में रमजान के दौरान नाव पर सवार होकर नॉन वेज परोसने और इफ्तार पार्टी किए जाने के मामले में 8 आरोपियों को जमानत मिल गई हैं। इस मामले में बाकी के 6 आरोपियों की जमानत अर्जी पर जल्द ही सुनवाई होगी...

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Iftar party ganga river

फाइल फोटो

वाराणसी: रमजान के महीने में गंगा नदी में नाव पर सवार होकर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 आरोपियों में से 8 आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वहीं, बाकी के आरोपियों की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट में जल्द ही सुनवाई होगी। आरोपियों की तरफ से कोर्ट में अनेकों दलील दी गई, जिसके बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिली। वहीं, वाराणसी की अदालत ने आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था।

वाराणसी कोर्ट ने नहीं दी थी ज़मानत

रमजान के महीने में गंगा नदी में नाव पर सवार होकर नॉनवेज खाने और परोसने के आरोप में 14 मुस्लिम युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 8 आरोपियों को जमानत दे दी है, जबकि 6 आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई बाकी है। इस मामले ने इतना तूल पकड़ा था कि हिंदूवादी संगठन इसके विरोध में उतर आए थे और वाराणसी की अदालत ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया।

वीडियो हुआ था वायरल

घटना का वीडियो सामने आने के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जयसवाल ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने धार्मिक भावनाएं आहत होने और हिन्दुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किए जाने का आरोप लगाया, जिसके बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था। इस मामले में वाराणसी की अदालत ने आरोपियों को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा था कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपियों ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का जानबूझकर प्रयास किया है, जिसके बाद यह मामला हाईकोर्ट में चला गया।

दी गई ये दलील

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला और जस्टिस जितेंद्र कुमार की बेंच ने आरोपियों को जमानत दी है। अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में दलील दी है कि उनके मुवक्कील को जानबूझकर इस मामले में फसाया गया। वहीं, पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में अज्ञात पर पर मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपियों के नाम बाद में जोड़े गए। अधिवक्ता ने इस मामले की तरफ ध्यान खींचते हुए जमानत की मांग की थी, जिसके बाद 8 आरोपियों को जमानत मिल गई। वहीं, इस मामले में बाकी आरोपियों की जमानत अर्जी पर 18 मई को सुनवाई होनी है।

क्या है मामला

दरअसल, गंगा नदी में नाव पर सवार होकर इफ्तार पार्टी किए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में युवक नॉनवेज खा रहे थे, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी ने तहरीर दी थी। इसके साथ ही पुलिस ने नाव चलाने वाले शख्स के ऊपर भी मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया। आप है कि सभी आरोपियों ने नव को हाईजैक किया था और नदी में इफ्तार पार्टी की थी।