बनारस में अध्ययन करने आये लद्दाख के छात्रों ने आर्टिकल 370 हटाने पर कही अपनी बात, बाहरी लोगों के आने से संस्कृति व पहचान बदलने की जतायी आशंका
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म करने व लद्दाख को अलग केन्द्र शासित राज्य बनाने के बाद से देश में लगातार बहस छिड़ी हुई है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की तिब्बती यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। छात्र फुरबू जंगपो ने केन्द्र सरकार के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि जम्मू कश्मीर व लद्दाख में बीए करने में पांच साल लगते थे अब तीन साल में बीए हो जायेगा।
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उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के इस निर्णय का हम स्वागत करते हैं। जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग करने की काफी पहले से मांग हो रही थी जो अब पूरी हुई है। लद्दाख अलग होने से वहां पर विकास होगा। रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। इससे लद्दाख के लोगों की जीवन शैली अच्छी हो जायेगी। संतलीन लोटस नेताजी का कहना है कि वह लद्दाख के छात्रों का अध्यक्ष हूं। आर्टिकल 370 हटाने पर कहा कि बीजेपी सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। काफी पहले से लद्दाख को अलग करने की मांग हो रही थी इस मांग को लेकर बहुत लोगों की जान गयी है और बहुत से शहीद हुए हैं। लद्दाख में लोग जश्र मना रहे हैं मेरा मानना है कि यह जश्र मनाने का समय नहीं है। उन्हें कश्मीरी लोगों के बारे में भी सोचना चाहिए। वहां के लोगों से विशेष अधिकार छीन लिया गया है। एक अन्य छात्र ने कहा कि मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि एक तरफ से अच्छी बात है एक तरफ से अच्छी बात नहीं है। कश्मीर से मुक्त होना अच्छा है लेकिन धारा 370 हटने से उनके विशेषाधिकार हट गये। वहां पर अब निवेश होगा। भारत के बहुत से लोग नहीं जानते हैं कि लेह लद्दाख कहा है। भारत में रहते हुए भी लोग लेह लद्दाख नहीं जाते हैं। लद्दाख में सभी धर्म के लोग रहते हैं और यहां पर कभी आतंकी हमला नहीं हुआ है। हम लोगों को इस बात का डर है कि वहां पर बाहर से लोग आयेंगे और वहां का हाल यूपी व बिहार जैसा हो जायेगा।
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हाथ में लिया तिरंगा और जतायी खुशी
तिब्बती विश्वविद्यालय परिसर के छात्रों में जम्मू कश्मीर से लद्दाख के अलग हो जाने की खुशी के साथ वहां का माहौल बदलने की चिंता थी। छात्रों ने हाथ में तिरंगा लेकर अपनी खुशी जाहिर की। लद्दाख में अध्ययन की अच्छी सुविधा तक नहीं थी जिसके चलते ही इन छात्रों को इतनी दूर पढऩे आना पड़ा है। लद्दाख अब केन्द्र शासित प्रदेश हो गया है ऐसे में छात्रों को उम्मीद है कि वहां पर अध्ययन की अच्छी सुविधा मिलने लगेगी।
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