वाराणसी

पिता हुए नाराज, पर पान बेच करोड़पति बन गया बनारस का स्टूडेंट, आखिर ऐसा क्या कियाअलग!

Success Story: पिता थे खिलाफ, लोगों ने उड़ाया मजाक... लेकिन इस युवक ने पान बेचकर ऐसा बिजनेस खड़ा किया, जिसे आज पूरा देश पहचानता है। जानिए पी. एन. ठाकुर की पूरी कहानी।
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Updated: 16 May 2026, 5:56 PM IST
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सड़क किनारे मिलने वाले पान को पी. एन. ठाकुर ने ने ऐसा बदला कि लोग लाइन लगाने लगे। अब 400 से ज्यादा आउटलेट्स और करोड़ों का कारोबार है।PC: P.N Thakur/LinkedIn

अगर आप सड़क किनारे 10-20 रुपए में मिलने वाले पान को हल्के में लेते हैं, तो बड़ी भूल करते हैं। एक शख्स पान बेचकर ही आज करोड़पति बन गया है। हालांकि, इसके लिए उन्हें पान बेचने के पारंपरिक तरीके से थोड़ा अलग सोचना पड़ा। जोखिम था, लेकिन विश्वास भी कि यह अलग तरीका हिट होगा और हुआ भी।

‘मस्त बनारसी पान’ वाले पी. एन. ठाकुर की कहानी

हम बात कर रहे हैं पी. एन. ठाकुर की, जो पान के कारोबार में जाना-पहचाना नाम हैं। उनकी 'मस्त बनारसी पान' नाम से कंपनी है, जिसके देश के कई शहरों में आउट्लेट हैं। बिहार के किसान परिवार से आने वाले ठाकुर ने हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से एमबीए किया है। पढ़ाई के बाद वह आम युवाओं की तरह नौकरी करने लगे, लेकिन दिल में अपना कुछ करने की चाह हमेशा कायम रही। बनारस में पान के शौकीनों को देखकर लगा कि इस पर कुछ किया जा सकता है और यहीं से वह एक अलग सफर पर निकल पड़े।

2016 में खुला पहला आउटलेट

पी. एन. ठाकुर ने साल 2016 में 'मस्त बनारसी पान' नाम से पान के कारोबार की शुरुआत की। जमी-जमाई नौकरी छोड़कर बिजनेस शुरू करना और वो भी पान का, उनके पिता को पसंद नहीं आया। हालांकि, ठाकुर अपने फैसले पर कायम रहे। वाइफ ने हौसला बढ़ाया और 2016 में कुल 2 लाख रुपए के निवेश के साथ उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में अपना पहला आउट्लेट खोला। शुरुआत शानदार रही, एक ही साल में पूरी लागत निकल गई। इस सफलता ने ठाकुर को उत्साहित किया। इसके बाद उन्होंने कई दूसरे शहरों में भी आउट्लेट शुरू किए और आज 'मस्त बनारसी पान' एक ब्रांड बन गया है।

पान बेचने का तरीका बदला और बन गए करोड़पति

अब सवाल उठता है कि आखिर पीएन ठाकुर ने ऐसा क्या किया कि उनके पान का स्वाद लोगों को दीवाना बना गया। सबसे पहले उन्होंने पान बेचने के पारंपरिक तरीके को बदला। उन्होंने महसूस किया कि पान की दुकानें हर गली-मोहल्ले में हैं, लेकिन साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता। उन्होंने कैफे स्टाइल में पान बेचने की शुरुआत की, एक साफ-सुथरी और आकर्षक जगह, जहां स्वच्छता का ध्यान रखते हुए पान बनाए जाते हैं। उन्होंने तंबाकू से दूरी बनाई और ऐसे पान पेश किए जिसे हर कोई खा सकता है। जैसे - आइसक्रीम पान, ड्राई फ्रूट्स पान, चॉकलेट पान, सिल्वर और गोल्ड पान। लोगों को उनका यह अंदाज पसंद आया। 'मस्त बनारसी पान' में 70 से 80 वैरायटी के पान मिलते हैं और कंपनी का कारोबार 7 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है।

400 से ज्यादा आउटलेट्स

आज 'मस्त बनारसी पान' के देश में 400 से अधिक आउटलेट्स हैं और कुल 300 शहरों में कंपनी का कारोबार फेला हुआ है। Zomato और Swiggy जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी उनका पान डिलेवर करते हैं। पी. एन. ठाकुर ने अपना बिजनेस खड़ा करने के लिए बाहर से कोई फंडिंग नहीं ली। उन्होंने सोच-समझकर थोड़ा-थोड़ा निवेश किया। सही रणनीति- प्लानिंग का फायदा मिला और इस तरह वह एक दमदार फ्रेंचाइजी मॉडल विकसित कर पाए। ठाकुर के मुताबिक, शुरुआत में लोगों को समझाने में दिक्कत हुई कि पान का मतलब तंबाकू नहीं होता। उन्हें पान की कैफेनुमा दुकान तक खींचकर लाने के लिए कुछ अलग चाहिए था। हमने तरह-तरह के फ्लेवर के पान पेश किए, जो लोगों को पसंद आए।

पी. एन. ठाकुर की सक्सेस स्टोरी बताती है कि जोश, जुनून और सही प्लानिंग के साथ अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर में भी ब्रांडेड बिजनेस खड़ा किया जा सकता है।

Updated on:
16 May 2026, 5:56 PM IST
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