
Negligence of the Electricity Department in Ghazipur: गाजीपुर के सैदपुर इलाके के एक गांव में खेत में काम करने के दौरान खंभे में उतरे बिजली के करंट की चपेट में आने से मां और बेटी की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई है। वहीं, ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों से इस बात की शिकायत की, जिसके बाद विभाग ने दो संविदा लाइनमैन को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं, एसडीएम ने परिजनों को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन देकर मामले को शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक, सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के बलुआ भीरा गांव के रहने वाले राम मूरत अपनी पत्नी और पांच बच्चों के साथ गांव में ही रहते हैं और खेती गृहस्थी का कार्य करते हैं। राम मूरत के मुताबिक, गुरुवार की सुबह जानवरों को चराने के लिए वह खेत में लेकर गए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी सीमा (45) और छोटी बेटी खुशी (15) धान रोपने के लिए खेत में साफ सफाई का कार्य कर रही थी। इसी दौरान खेत के किनारे लगे बिजली के पोल से लटक रहे तार में करंट उतर आया, जिसकी चपेट में उनकी पत्नी आ गई।
उन्होंने बताया कि अपनी मां को करंट की चपेट में आता देख छोटी बेटी खुशी बचाने के लिए दौड़ी और वह भी करंट में चिपक गई। वहीं, घटना के बाद आसपास कार्य कर रहे ग्रामीणों ने बिजली विभाग को मामले की सूचना दी, जिसके बाद विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। दोनों को परिजनत अपने साथ लेकर सीएससी पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
वहीं, घटना की जानकारी होने के बाद बिजली विभाग के अधिकारी और एसडीम ज्योति चौरसिया मौके पर पहुंची। इसके साथ ही पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों मृतकों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसडीएम ने पीड़ित परिवार को सरकारी आर्थिक सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया है। वहीं, बिजली विभाग ने इस मामले में संविदा पर कार्य कर रहे दो लाइनमैन दीनानाथ और महेश को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है की करंट उतरने की शिकायत कई बार बिजली विभाग से की गई, लेकिन उसका समाधान नहीं हुआ। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि इस मामले में किसी ने भी लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।