वाराणसी

तो फिर पीएम मोदी को टूटी सड़कों से पड़ेगा गुजरना, ऐसे बने हालात

सितम्बर में अपना जन्मदिन मनाने बनारस आ सकते हैं प्रधानमंत्री, बारिश के कारण खस्ताहाल हुई सड़कों को बनाना होगा चुनौती

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Sep 02, 2019
PM Narendra Modi

वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी को इस बार अपने संसदीय क्षेत्र बनारस में टूटी सड़कों पर से गुजरना पड़ सकता है। आनन-फानन में सड़क बनाने वाले ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव ने पीडब्ल्यूडी के भ्रष्टाचार से परेशान होकर सुसाइड कर लिया है। इसके बाद से अन्य ठेकेदारों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए आंदोलन किया है। ऐसे में पीएम मोदी अपने जन्मदिन मनाने के लिए बनारस आते हैं तो उसके पहले सड़क कौन बनायेगा। जिला प्रशासन के लिए अब खराब सड़के चुनौती बन सकती है।
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पीएम नरेन्द्र मोदी पिछले साल की तरह इस बार भी अपना जन्मदिन मनाने बनारस आ सकते हैं। बनारस में बारिश व विकास कार्यों के नाम पर हुई खुदाई के चलते सड़कों की स्थिति बहुत खराब है। शहर में पीएम नरेन्द्र मोदी या फिर अन्य कोई वीवीआईपी आता है तो उनके आगमन से पहले ही शहर की सड़कों को ठीक करा दिया जाता था यह काम आनन-फानन में कराया जाता है। पीडब्ल्यूडी इस काम को ठेकेदारों की मदद से कराता था। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर कक्ष में सुसाइड करने वाले ठेकेदार अवधेश श्रीवास्तव इस काम में माहिर थे। पूर्वांचल के बड़े ठेकेदार होने के चलते अवधेश श्रीवास्तव के पास सारे संसाधन थे इसलिए कम समय में भी वह बड़ा काम करके विभाग की इज्जत को बचा देते थे। जिस काम को करने से अन्य ठेकेदार इंकार कर देते थे उसे भी अवधेश श्रीवास्तव करते थे।
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अन्य ठेकेदारों ने खड़े किये हाथ
अवधेश श्रीवास्तव के सुसाइड करने के बाद अन्य ठेकेदारों ने आंदोलन शुरू किया है वह अब आनन-फानन में कोई काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि ठेकेदारों का आंदोलन खत्म नहीं होता है तो पीएम मोदी के आगमन के पहले सड़क कौन बनवायेगा। ठेकेदार संघ के मुखिया काशीनाथ पांडेय ने ऐलान किया है कि कोई ठेकेदार इस बार पीएम के आगमन के पहले सड़क की मरम्मत नहीं कराने वाला है। जब तक अवधेश श्रीवास्तव की मौत के लिए जिम्मेदार सारे अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती है तब तक हम लोग आंदोलन करते रहेंगे।
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जिस विभाग की इज्जत बचाते थे, उसी विभाग के भ्रष्टाचार ने ली अवधेश श्रीवास्तव की जान
अवधेश श्रीवास्तव जिस विभाग की इज्जत को बचाते थे उसी विभाग के भ्रष्टाचार के चलते उन्हें चीफ इंजीनियर के कक्ष में खुद को गोली मार कर जान देनी पड़ी। सीएम योगी आदित्यानथ के निर्देश पर इस मामले की जांच एक टीम कर चुकी है और एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कैंट पुलिस की जांच व ठेकेदार के सुसाइड नोट के आधार पर दो इंजीनियरों को जेल भेजा है इसके बाद भी अभी अन्य आरोपी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
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Published on:
02 Sept 2019 01:54 pm
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