सोशल मीडिया पर पुलिस की खास निगहबानी, एसएसपी ने कहा कि किसी को नहीं दी जा सकती है सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे की इजाजत
वाराणसी. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कुछ जगहों पर हुई हिंसा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। बनारस में पहले ही धारा 144 लगायी जा चुकी है। पुलिस की खास निगहबानी सोशल मीडिया पर है और भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर तुरंत ही नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में लोहता पुलिस ने बुधवार को वसीम अकरम के खिलाफ सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ मैसेज करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
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वसीम अकरम ने फेसबुक के जरिए लोगों को नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के खिलाफ लोगों को एकत्रित होने, धरना देने व कानून व्यवस्था को प्रभावित करने का भड़काऊ मैसेज किया जा रहा है। पुलिस के संज्ञान में आते ही आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसएसपी प्रभाकर चौधरी पहले ही कह चुके हैं कि यदि सोशल मीडिया पर सामाजिक सौहार्द बिगाडऩे वाले पोस्ट किये जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जायेगी।
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पुलिस की सोशल मीडिया टीम रख रही नजर
पुलिस की सोशल मीडिया टीम इस मामले में खास नजर रख रही है। जहां से भी विवादित पोस्ट हो रहे हैं उसकी जांच कर दोषी मिलने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को इस मुहिम में सबसे अधिक सफलता अयोध्या विवाद में आये सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद मिली थी जब सोशल मीडिया का उपयोग शंति व्यवस्था को भंग करने के लिए नहीं हो पाया था। पुलिस अब इस मामले में भी सोशल मीडिया के जरिए अफवाह या भड़काऊ मैसेज भेजने वालों को रोकने में जुट गयी है।
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