Rapid Increase in Ghats Water Levels about to reach Danger Level- वाराणसी में पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। इससे जहां घाटों का संपर्क आपस में टूट गया है वहीं हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल भी बदल दिए गए हैं।
वाराणसी.Rapid Increase in Ghats Water Levels about to reach Danger Level. वाराणसी में पिछले चार दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। नदियों का पानी खतरे के निशान की ओर बढ़ने लगा है। इससे जहां घाटों का संपर्क आपस में टूट गया है वहीं हरिश्चंद्र और मणिकर्णिका घाट पर शवदाह स्थल भी बदल दिए गए हैं। गंगा में उफान आने के बाद सोमवार सुबह से जल पुलिस ने नौका संचालन अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया है। पानी का बहाव सामान्य होने पर नौका संचालन को लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
लोगों का पलायन शुरू
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पहाड़ों पर हो रही तेज बरसात के कारण मिर्जापुर, बनारस, गाजीपुर और बलिया में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पूर्वांचल के जिलों में आठ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार सुबह गंगा का जलस्तर 64.36 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार को गंगा का जलस्तर 63.04 मीटर दर्ज किया गया था। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने गंगा किनारे रहने वाले लोगों व जिलों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। इधर, गंगा के उफान को देख लोगों ने पलायन करना शुरू कर दिया है। बारिश से बचाव के लिए तैयारियां भी अभी से शुरू कर दी गई हैं।
तेजी से बढ़ रहा जलस्तर
ललिता घाट और मणिकर्णिका घाट पर निर्माण कार्य चल रहा है। घाट पर रखा गया मलबा पानी में समा गया है। गंगा में तेजी से बढ़ाव का सिलसिला 28 जुलाई की रात से आरंभ हुआ। लगातार बारिश के कारण 29 से 30 जुलाई के बीच बढ़ाव की गति काफी तेज हो गई। इस बीच गंगा के जलस्तर में 02.04 मीटर का इजाफा देखा गया। इसके बाद 30 से 31 जुलाई के बीच गंगा के पानी में 52 सेंटीमीटर ही वृद्धि हुई।