वाराणसी

हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की हत्या से पहले इस आरएसएस कार्यकर्ता की हुई थी संदिग्ध मौत

पिता ने जताया था हत्या होने की आशंका, जीआरपी ने दर्ज किया था अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा

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Oct 18, 2019
Shashikant Rai

वाराणसी. हिन्दू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की दिनदहाड़े हत्या के बाद से प्रदेश में सियासी घमासान मचा हुआ है। कमलेश तिवारी की हत्या के पहले बनारस में इस आरएसएस कार्यकर्ता की संदिग्ध मौत हुई थी। रेलवे ट्रैक पर शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया था। पहले इसे सुसाइड माना जा रहा था लेकिन मृतक के पिता ने जीआरपी को तहरीर देकर हत्या की आशंका जतायी है। जीआरपी ने जांच के बाद ही मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। शुक्रवार को मृतक के रिश्तेतार एडवोकेट नित्यानंद राय ने एसएसपी कार्यालय में आवेदन देकर घटनास्थल के आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर मामले की जांच करने का प्रार्थना पत्र दिया है।
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सारनाथ रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर दो के ट्रैक पर १७ सितम्बर को आरएसएस कार्यकर्ता शशिकांत राय का शव मिला था। गाजीपुर के रेवतीपुर जिला के रामपुर थाना क्षेत्र के निवासी शशिकांत राय बनारस में किराये का मकान लेकर रहते थे। कैंट थाना क्षेत्र के दौलतपुर स्थित विश्वनाथ पुरी कॉलोनी में रहने वाले शशिकांत राय एक निजी इंश्योरेंस कंपनी से जुड़़कर काम करते थे और दिन दिनों आरइएस में ठेकेदारी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। साथ ही आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रेमचन्द्र नगर के व्यवस्था प्रमुख भी थे। शशिकांत राय प्रतिदिन सुबह घर से टहलने के लिए निकलते थे। 17 अक्टूबर को घर में ही मोबाइल छोड़ कर भोर में टहलने निकले थे और वापस नहीं लौटे। काफी देर तक नहीं लौटने पर परिजन परेशान हो गये थे। इसी बीच सुबह साढ़े सात बजे पुलिस का फोन आता है कि शशिकांत राय का रेलवे ट्रैक पर शव मिला है। सूचना मिलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया था।
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ट्रेन के सामने कूदे थे शशिकांत राय
जिस ट्रेन से शशिकांत राय की मौत हुई है उसके चालक ने मेमो में दर्ज कराया है कि शशिकांत राय ट्रेन के सामने रेलवे ट्रैक पर कूद गये थे। इसी आधार पर जीआरपी इसे सुसाइड केस मान रही है और तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज नहीं किया है। मृतक के पिता मणीन्द्रनाथ राय ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराने के लिए जीआरपी में तहरीर दी है। जीआरपी की जांच के बाद पता चलेगा कि आरएसएस कार्यकर्ता की कैसे मौत हुई है लेकिन कुछ सवाल है जिनसे घटना का लेकर संदेह पैदा हो रहा है। शशिकांत राय रोज घर के पास टहलते थे तो सारनाथ रेलवे स्टेशन कैसे पहुंचे। आरएसएस कार्यकर्ता ट्रेन के आगे कूदे तो उनके पैर ही क्यों टूटे थे। पीठ पर चोट के निशान नहीं थे। जीआरपी के पास अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी आ चुकी है इसके बाद घटना के सही कारण का खुलासा होना आसान हो गया है।
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Published on:
18 Oct 2019 08:04 pm
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