वाराणसी

अयोध्या के बाद अब काशी पर फोकस, इन मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे देशभर के संत

- 2 और 3 जनवरी को काशी में इक्ट्ठा होंगे देशभर के संत- 'काशी विश्वनाथ मुक्ति' पर मंथन और लव-जिहाद पर भी बनेगी रणनीति
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Updated: 15 Dec 2020, 7:21 PM IST
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अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती की तरफ से बैठक में शामिल होने के लिए संतों को आमंत्रण पत्र भी भेजा जा चुका है

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
वाराणसी. अखिल भारतीय संत समिति की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने 02 और 03 जनवरी को काशी में संतों की बड़ी बैठक बुलाई है। हनुमान प्रसाद पोद्दार, अंध विद्यालय, दुर्गाकुंड में दो जनवरी को सुबह 11 बजे से संतों की बैठक शुरू होगी जो तीन जनवरी को दोपहर तीन बजे तक चलेगी। बैठक में काशी विश्वनाथ मंदिर व राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण पर चर्चा के साथ ही लव जिहाद और हिंदू-पहचान संरक्षण बिल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। इसके अलावा नेपाल में सामाजिक, धार्मिक कूटनीति, काशी काठमांडू, अवध जनकपुरी में संत बैठक पर विमर्श, पुजारी प्रशिक्षण केंद्र और अल्पसंख्यक की परिभाषा आदि के मुद्दों पर चर्चा प्रमुखता से चर्चा की जाएगी।

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेन्द्रानन्द सरस्वती की तरफ से बैठक में शामिल होने के लिए संतों को आमंत्रण पत्र भी भेजा जा चुका है। संतों के अलावा इस बैठक में आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद के अधिकारी शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक, बैठक के लिए योगगुरु बाबा रामदेव और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रमुख श्री श्री रविशंकर को भी आमंत्रित किया गया है।

Updated on:
15 Dec 2020, 7:21 PM IST
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