
Saints Protest In Varanasi : गोसंरक्षण और गोसम्मान से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को वाराणसी में साधु-संतों, बटुकों और गोभक्तों ने जोरदार प्रदर्शन किया। 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत निकाली गई प्रार्थना-यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां प्रतिनिधिमंडल ने करीब 5.5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा है। बताया जा रहा है कि यह ज्ञापन देश की राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम भेजा गया है।
अभियान से जुड़े लोगों ने सरकार से गोमाता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा देने, देशभर में गोहत्या पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने और केंद्रीय गो मंत्रालय की स्थापना सहित 30 से अधिक मांगों पर निर्णय लेने की अपील की। कार्यक्रम की शुरुआत गोमाता के पूजन, शंखनाद और मंत्रो के सामूहिक जाप के साथ हुई। इसके बाद संतों, बटुकों और विभिन्न सामाजिक-धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हाथों में झंडे, बैनर और मांगों से जुड़े तख्तियां लेकर यात्रा निकाली। यात्रा में गोमाता भी शामिल रही। वहीं, बुलडोजर को प्रतीकात्मक रूप से शामिल किया गया था। भगवान श्रीकृष्ण और बलराम की झांकी भी यात्रा का हिस्सा रही।
प्रार्थना-यात्रा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने पर बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया, जिसके बाद संतों और अभियान के पदाधिकारियों ने डीएम के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार को गोसंरक्षण के मुद्दे पर व्यापक और प्रभावी नीति बनानी चाहिए, ताकि गौवंश की सुरक्षा हो सके। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों से देशभर में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' चलाया जा रहा है। इसके तहत गोहत्या निषेध के लिए कानून, गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने, केंद्रीय गो मंत्रालय के गठन, गो-चारा नीति लागू करने तथा कृषि, पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में गो-केंद्रित राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की जा रही है।
प्रतिनिधियों ने दावा किया कि अभियान के पहले चरण में देशभर की करीब 5,000 तहसीलों से 5 करोड़ से अधिक लोगों के हस्ताक्षर सरकार को भेजे गए थे। मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई न होने के बाद दूसरे चरण में 15 करोड़ से अधिक नागरिकों के समर्थन के साथ दोबारा ज्ञापन भेजा जा रहा है। वहीं, वाराणसी से भी 5.5 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन सरकार को भेजा जा रहा है।