
कारोबारी ने खुद को मारी गोली। फोटो सोर्स- फेसबुक (Ajay Rai)
UP Crime: वाराणसी के पांडेयपुर के प्रमुख साड़ी कारोबारी विजेंद्र सोनी ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या का प्रयास किया। घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में BHU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार गोली उनके सिर में फंसी हुई है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
घटना कैंट थाना क्षेत्र के पांडेयपुर चौराहे के पास आजमगढ़ मार्ग स्थित उनके घर के नजदीक हुई। बताया जा रहा है कि करीब 52 साल के विजेंद्र सोनी सुबह की सैर के लिए घर से निकले थे। घर से लगभग 30 मीटर आगे जाने के बाद उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए BHU ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।
BHU ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टर्स ने एक्सरे के बाद सिर में फंसी गोली को निकालने के लिए ऑपरेशन की जरूरत बताई है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
विजेंद्र सोनी ने यह कदम क्यों उठाया, फिलहाल इसकी वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। परिवार के मुताबिक घर-परिवार में किसी तरह की बड़ी परेशानी सामने नहीं आई थी। अचानक हुई इस घटना से परिजन सदमे में हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि विजेंद्र ने ऐसा कदम क्यों उठाया। पुलिस घटना के कारणों का पता लगाने के लिए मामले की जांच कर रही है।
विजेंद्र सोनी 3 भाइयों में बीच के हैं। पांडेयपुर इलाके में तीनों भाइयों की गिनती प्रमुख कारोबारियों में होती है। एक ही परिसर में श्रीराम ज्वैलर्स और श्रीराम साड़ी घर नाम से प्रतिष्ठान संचालित होते हैं। विजेंद्र सोनी साड़ी के कारोबार की जिम्मेदारी संभालते थे।
विजेंद्र सोनी के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा एक बेटी और एक बेटा है। घटना के बाद परिवार के लोग बेहद परेशान हैं। परिजन फिलहाल इस बात को लेकर हैरान हैं कि सामान्य परिस्थितियों के बीच उन्होंने आत्मघाती कदम क्यों उठाया।
मामले को लेकर यूपी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय रायने फेसबुक पर लिखा, '' वाराणसी में पांडेयपुर के प्रमुख व्यवसायी विजेंद्र सोनी जी द्वारा व्यापार न चलने के कारण खुद को गोली मारने की खबर अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली है। बाबा विश्वनाथ से उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं कल ही मुख्यमंत्री जी काशी में बैठकर व्यापारियों के विकास और 'डबल इंजन' की समृद्धि का ढोल पीट रहे थे। सच्चाई यह है कि गलत नीतियों, कमरतोड़ मंदी और आर्थिक तंगी ने आज व्यापारियों को आत्मघाती कदम उठाने की कगार पर धकेल दिया है।
जो सरकार व्यापारियों को सुरक्षा और सुगम व्यापार का माहौल तक न दे सके, उसके बड़े-बड़े दावों का क्या अर्थ? भाजपा सरकार जवाब दे— आखिर कब तक व्यापारी वर्ग इस आर्थिक मंदी की बलि चढ़ता रहेगा?''
Updated on:
10 Sept 2026 01:15 pm
Published on:
10 Sept 2026 01:15 pm
