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काशी के लोगों की बढ़ी मुसीबत, फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, 24 घंटों में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी

Ganga water Level in Varanasi: वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज होने के बाद एक बार फिर से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है...
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वाराणसी

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Vijendra Mishra

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Updated: 10 Sep 2026, 11:50 AM IST

Varanasi news

घटने लगा गंगा का जलस्तर (फाइल फोटो- IANS)

Ganga water Level Rising:वाराणसी में गंगा नदी के जलस्तर में गिरावट दर्ज होने के बाद एक बार फिर से नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के राजघाट गेट साइट के मुताबिक, गुरुवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 69.29 मीटर दर्ज किया गया। केंद्रीय जल आयोग ने बताया है कि सुबह 8 बजे गंगा नदी का जलस्तर स्थिर हो गया था, लेकिन एक बार फिर से 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से इसमें बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने के साथ ही काशी वासियों की चिंता एक बार फिर से बढ़ गई है।

क्या बोला केंद्रीय जल आयोग

गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के साथ ही सभी 84 घाट पूरी तरह से डूब चुके हैं। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, गंगा नदी का चेतावनी स्तर 70.62 मीटर और खतरे का निशान 71.262 मीटर है, ऐसे में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 97 सेंटीमीटर ही नीचे है। वहीं, पिछले 24 घंटों में गंगा के जलस्तर में 13 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग ने आशंका जताई है कि लगातार बढ़ोतरी होने के बाद गंगा नदी का जलस्तर इस बार खतरे के निशान तक पहुंच जाएगा। बता दें कि गंगा के साथ ही सहायक नदी वरुण भी उफान पर है और तटवर्ती इलाके पूरी तरीके से जलमग्न हो चुके हैं।

गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज किए जाने के बाद नदी के किनारे रहने वाले लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग जलस्तर में बढ़ोतरी को लेकर नजर बनाए हुए हैं। केंद्रीय जल आयोग ने आशंका जताई है कि वाराणसी में अगले 7 दिनों तक गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, 12 सितंबर तक गंगा नदी का जलस्तर 71 मीटर के आसपास पहुंच सकता है और 14 सितंबर तक 17.2 मीटर के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

वरुणा किनारे रहने वालों को राहत नहीं

दूसरी तरफ वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में अभी भी सैकड़ो मकान बाढ़ की जद में हैं और दर्जनों परिवार अपना घर छोड़कर राहत शिविर में आश्रय लिए हुए हैं। पुराना पुल, नक्खी घाट व सलारपुर इत्यादि इलाकों में अभी भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। यहां के लोग अपने मकान की छतों और राहत शिविरों में गुजारा कर रहे हैं। केंद्रीय जल आयोग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी भी इन इलाकों में बाढ़ का पानी बढ़ने के आसार हैं। यदि केंद्रीय जल आयोग की माने तो अगले 7 दिनों तक फिलहाल बाढ़ से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।