वाराणसी

सावन की शिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जप, प्रसन्न होंगे भगवान शिव, पूरी होगी मनोकामना

मान्‍यता है कि अगर सावन शिवरात्रि सोमवार को पड़े तो बहुत शुभ और मंगलकारी होता है।

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Lord Shiva
भगवान शिव

वाराणसी. हर साल सावन महीने में शिवरात्रि (Sawan Shivratri) मनाई जाती है। इस बार यह 9 अगस्त यानि आज मनाई जा रही है। सावन की शिवरात्रि का बहुत विशेष महत्व है। शिव भक्‍त साल भर इस शिवरात्रि का इंतजार करते हैं। अपने आराध्‍य भगवान शिव शंकर को प्रसन्‍न करने के लिए भक्‍त कांवड़ यात्रा पर जाते हैं। इस यात्रा के दौरान शिव भक्‍त गंगा नदी का पवित्र जल अपने कंधों पर लाकर सावन शिवरात्रि के दिन भगवान शिव के प्रतीक शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। मान्‍यता है कि अगर सावन शिवरात्रि सोमवार को पड़े तो बहुत शुभ और मंगलकारी होता है। वैसे शिवरात्रि का शुभ समय मध्य रात्रि माना गया है। इसलिए भक्‍तों को शिव की पूजा मध्य रात्रि में करनी चाहिए। इस शुभ मुहर्त को ही निशिता काल कहा जाता है।

ऐसे करे सावन के शिवरात्रि की पूजा
- सावन शिवरात्रि के दिन सुबह स्‍नान करने के बाद मंदिर जाएं या घर के मंदिर में ही शिव की पूजा करें।


- मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को पंचामृत जल अर्पित करें। दूध, दही, चीनी, चावल और गंगा जल के मिश्रण से पंचामृत बनता है।


- पंचामृत जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर एक-एक करके कच्‍चे चावल, सफेद तिल, साबुत मूंग, जौ, सत्तू, तीन दलों वाला बेलपत्र, फल-फूल, चंदन, शहद, घी, इत्र, केसर, धतूरा, कलावा, रुद्राक्ष और भस्‍म चढ़ाएं।


- इसके बाद शिवलिंग को धूप-बत्ती दिखाएं।


- सावन की शिवरात्रि के दिन भक्‍तों को व्रत रखना चाहिए। इस दिन केवल फलाहार किया जाता है। साथ ही खट्टी चीजों को नहीं खाना चाहिए। इस दिन काले रंग के कपड़ों को पहनना वर्जित माना गया है।

सावन शिवरात्र‍ि के मंत्र और जयकार
ऊपर बताई गई सामग्री चढ़ाने के बाद इन मंत्रों का सही-सही उच्‍चारण करें
- ॐ नमः शिवाय
- बोल बम
- बम बम भोले
- हर हर महादेव

Published on:
09 Aug 2018 12:42 pm