
Swine Flu News: पूर्वांचल में आजमगढ़, वाराणसी और मिर्जापुर मंडल के विभिन्न जिलों में स्वाइन फ्लू (एनफ्लुएंजा-ए/एच1एन1) के 18 सक्रिय मामले सामने आए हैं। इन मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। अकेले वाराणसी में 4 मरीज, जबकि आजमगढ़ में तीन, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र और मऊ में दो-दो मरीज और बलिया में एक सक्रिय मरीज सामने आया है। वाराणसी में सर्वाधिक चार मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और लक्षणों के आधार पर संदिग्ध मरीजों की जांच की जा रही है।
जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉक्टर एमपी सिंह ने वाराणसी के अस्पतालों समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक बेड आरक्षित रखने और इलाज में इस्तेमाल होने वाली दावाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने अधिकारियों को बीमारी की निगरानी बढ़ाने और लक्षण युक्त व्यक्तियों की समय से पहचान कर पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने का निर्देश दिया है।
वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू को लेकर महिलाओं के लिए 6 बेड और 12 बेड बच्चों के लिए, वहीं पुरुषों के लिए 6 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके साथ ओपीडी में बच्चों को देखने के लिए शिशु एवं बाल रोग विशेषज्ञ को तैनात किया गया है, जबकि अन्य स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों को देखने के लिए दो फिजिशियन तैनात किए गए हैं, ताकि अस्पताल में किसी प्रकार से अफरा तफरी का माहौल न हो। इसी तरह मंडलीय अस्पताल में 10 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एमपी सिंह ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक स्वास रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खासने, छिकने या बोलने के दौरान निकलने वाली थूक की बूंद के संपर्क में आने से संक्रमण तेजी से फैल सकता है। इसके लक्षणों की समय पर पहचान और उचित उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां, जांच सुविधाओं वा उपचार संबंधित संसाधनों की नियमित समीक्षा की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की कमी ना हो। स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीज में आमतौर पर तेज बुखार, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिर दर्द, शरीर में वा मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ मामलों में उल्टी और दस्त की शिकायत भी हो सकती है। सीएमओ ने बताया कि यह विशेष रूप से बुजुर्ग और छोटे बच्चों व गर्भवती महिलाओं में तेजी से फैलता है।
सर सुंदरलाल अस्पताल (बीएचयू) के एमएस प्रोफेसर पुनीत कुमार ने कहा है कि अस्पताल में रोजाना दो से तीन मरीज भर्ती हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों कुल 15 मरीज भर्ती किए गए थे, जिनमें से पांच डिस्चार्ज हो गए हैं और 10 मरीज भर्ती होकर इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और इलाज होने के कारण मरीजों की रिकवरी दर बढ़ी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि इस गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में यदि लक्षण दिखते हैं तो तुरंत उन्हें अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।