उत्तर प्रदेश में गर्मी ने कहर ढाना शुरू कर दिया है। राज्य के 21 जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और कई जगहों पर यह 43 डिग्री से भी ऊपर रिकॉर्ड किया गया है। इससे सबसे ज्यादा समस्या स्कूली बच्चों को हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है। इस बढ़ती तपिश और लू के असर को देखते हुए छोटे बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है।
आगरा और वाराणसी जैसे जिलों में आठवीं तक के स्कूलों का संचालन अब सुबह 7 बजे से दोपहर 12 या 1 बजे तक ही होगा। आगरा के बीएसए जितेंद्र कुमार गोंड ने आदेश जारी कर स्कूलों में छांव और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की है। साथ ही आउटडोर गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। बनारस में भी बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने सभी बोर्ड के लिए यही निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग ने 22 से 25 अप्रैल तक लू की चेतावनी दी है। प्रदेश के दक्षिणी जिलों में खासकर आगरा, मथुरा, कन्नौज और फिरोजाबाद में गर्म हवाओं का असर ज्यादा दिखेगा। बीएचयू के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वाराणसी का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रयागराज इस समय सबसे गर्म है, जहां तापमान 44.3 डिग्री तक पहुंच गया है।
तेज धूप और लू के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा रहा। बनारस के गोदौलिया में गर्मी के कारण एक युवक बेहोश हो गया जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुष्क पछुआ हवाएं लू में बदल चुकी हैं जिससे नमी गायब हो गई है और लोग बार-बार पानी पीने को मजबूर हैं।