
UP Political News: एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए वाराणसी पहुंचे उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को बहरूपिया बताया और 'रंगे सियार' तक की संज्ञा दे डाली। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के शासनकाल में राम भक्तों पर गोलियां चली थी, वह अब राम मंदिर के मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में जानबूझकर के समाजवादी पार्टी के नेता सनातन को बदनाम करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
ब्रजेश पाठक ने सपा नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा है कि सपा के नेता बहरूपिया हैं और गांव में एक कहावत कही जाती है 'रंगे सियार', सपा के लोग वोट की राजनीति कर रहे हैं। ये लोग कहते हैं कि ये डॉ राम मनोहर लोहिया के अनुयाई हैं, यदि वास्तव में सपा के लोग लोहिया जी की विचारधारा से सहमत हैं तो क्या उन्होंने लोहिया जी की विचारधारा को आगे बढ़ने का काम किया है। ब्रजेश पाठक ने आरोप लगाया है कि राम मनोहर लोहिया रामायण मेला लगते थे, जबकि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अब तक अयोध्या स्थित श्री राम लाल के दर्शन तक करने नहीं गए हैं।
डिप्टी सीएम ने कहा कि ये लोग (सपा) केवल तुष्टिकरण की राजनीति करना जानते हैं और केवल मुस्लिम समुदाय का वोट हासिल करने के लिए समाजवादी पार्टी की सरकार में भगवान राम के भक्तों पर गोलियां चलाई गई थी। ये ऐसी पार्टी के लोग हैं, जो अयोध्या धाम पर लगातार हमले करते रहते हैं। सपा के लोगों का काम सनातन संस्कृति को क्षति पहुंचाना है। उन्होंने कहा है कि यह पहली बार नहीं है कि सनातन को टारगेट किया गया हो, इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि गुजरात में सोमनाथ मंदिर पर हमले किए गए, लेकिन फिर भी सनातन संस्कृति पहले से फली फुली है। इतिहास गवाह है कि मुगलों ने बाबा विश्वनाथ के मंदिर पर किस तरह से आक्रमण किया था। इसके साथ ही अन्य मंदिरों पर भी हमले हुए हैं, लेकिन समाजवादी पार्टी के लोग कभी भी इन मामलों को लेकर सवाल नहीं पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के निर्माण के दौरान सपा और कांग्रेस ने रोड़े लगाने की कोशिश की थी। ऐसे लोगों को देश और प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। राम मंदिर मामले में एसआईटी का गठन हो चुका है और एसआईटी अपना काम कर रही है, गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
उप-मुख्यमंत्री ने कहा है कि इस मामले में श्री राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा ही एफआईआर दर्ज कराई गई थी और सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच कर रही है। समाजवादी पार्टी कांग्रेस और अन्य दलों के लोग जो राम मंदिर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, क्या बाबरी मस्जिद के लिए जो चंदा इकट्ठा हुआ था उसे बारे में कोई सवाल पूछेगा या मदरसों की फंडिंग के बारे में कोई बोलना चाहेगा। मस्जिद और मदरसों के बारे में सवाल पूछने की हिम्मत ना तो सपा में है ना ही कांग्रेस में और ना ही किसी अन्य पार्टी में। बृजेश पाठक ने आरोप लगाया है कि केवल और केवल एक वर्ग को खुश करने के लिए सनातन पर उंगलियां उठाई जा रही हैं।