
वाराणसी के क्वीन्स कॉलेज में स्थापित हुई AI-रोबोटिक्स लैब (फोटो- पत्रिका)
Robotic Lab in Varanasi : वाराणसी के पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज में शनिवार को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने दावा किया है कि यह उत्तर प्रदेश के किसी भी राजकीय विद्यालय में बिना सरकारी आर्थिक सहायता के स्थापित होने वाली पहली एआई-रोबोटिक्स लैब है। इस लैब के शुरू होने से अब सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीक सीखने और नए प्रयोग करने का अवसर मिल सकेगा। बता दें कि शुरुआत में इसकी पहल विद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य रहे सुमित कुमार श्रीवास्तव ने की थी, जिसके बाद छात्रों को इसकी सौगात मिली है।
इस लैब का निर्माण क्वींस कॉलेज के पुरातन छात्रसभा के सहयोग और भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) बड़ोदरा के निदेशक प्रो. धर्मेंद्र सिंह की मेहनत कि बदौलत हुआ है। वहीं, पीएचएन टेक्नोलॉजी ने इसकी नीव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस लाइफ के उद्घाटन समारोह में पहुंचे मुख्य अतिथि प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि अपने पूर्व के विद्यालय के लिए इस तरह का योगदान देना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि आज का समय एआई और रोबोटिक्स का है। ऐसे में यदि विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही इन तकनीकों की जानकारी मिलेगी तो वे भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि जल्द ही आईआईआईटी बड़ोदरा और पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए एक समझौता किया जाएगा, जिससे छात्रों को समय-समय पर तकनीकी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और तकनीकी प्रशिक्षण मिल सकेगा। वहीं, पीएचएन टेक्नोलॉजी के प्रतिनिधि प्रदीप एच नारायणकर ने कहा कि लैब को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है। यहां विद्यार्थी एआई, रोबोटिक्स और नई तकनीकों से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकेंगे। इससे छात्रों को भविष्य में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
क्वींस कॉलेज पुरातन छात्रसभा के अध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा कि यह लैब विद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए एक टेक्निकल टीचर की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि बच्चे तकनीक का सही उपयोग सीख सकें। वहीं, विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. विश्वेश्वर सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप स्थापित यह लैब विद्यार्थियों में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने का काम करेगा। इससे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ तकनीक का ज्ञान भी मिलेगा।
Updated on:
11 Jul 2026 07:27 pm
Published on:
11 Jul 2026 07:27 pm
